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अमेरिका ने चीन को दे डाली खतरनाक चेतावनी, कहा- अगर एशिया में मिलिट्री एक्शन...

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शनिवार को चेतावनी दी कि चीन एशिया में शक्ति संतुलन बदलने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है.

Gyanendra Tiwari
अमेरिका ने चीन को दे डाली खतरनाक चेतावनी, कहा- अगर एशिया में मिलिट्री एक्शन...

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शनिवार को चेतावनी दी कि चीन एशिया में शक्ति संतुलन बदलने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को पूरी तरह बनाए रखेगा.

सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग में बोलते हुए, हेगसेथ ने कहा कि चीन से खतरा "वास्तविक और तत्काल" हो सकता है. उन्होंने बीजिंग पर ताइवान पर आक्रमण की तैयारी करने और बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यासों के जरिए "युद्ध की रिहर्सल" करने का आरोप लगाया.

चीन की हरकतें 'चेतावनी'

हेगसेथ ने चीन की गतिविधियों को "चेतावनी" करार दिया. उन्होंने बीजिंग पर साइबर हमले करने, पड़ोसी देशों को परेशान करने और दक्षिण चीन सागर में "अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करने और सैन्यीकरण" करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि "चीन न तो हम पर और न ही हमारे सहयोगियों पर हावी हो सके."

सहयोगियों से रक्षा खर्च बढ़ाने की अपील

हेगसेथ ने एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों से अपनी रक्षा क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने और सैन्य खर्च बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी रणनीति को समायोजित कर रहा है ताकि चीन की आक्रामकता को रोका जा सके. उन्होंने यूरोप के नाटो सहयोगियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे अपने सकल घरेलू उत्पाद का 5% रक्षा पर खर्च कर रहे हैं, और एशिया के सहयोगियों को भी ऐसा करना चाहिए.

अमेरिका-चीन तनाव और व्यापार युद्ध

वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर तनाव बढ़ रहा है. जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद, राष्ट्रपति ट्रम्प ने चीन के साथ व्यापार युद्ध शुरू किया, उन्नत एआई तकनीकों तक उसकी पहुंच को सीमित किया और फिलीपींस जैसे सहयोगियों के साथ सुरक्षा संबंधों को मजबूत किया. ट्रम्प ने हाल ही में चीन पर एक व्यापार समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया.

दक्षिण चीन सागर में तनाव

चीन दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर दावा करता है, भले ही अंतरराष्ट्रीय नियम इसके खिलाफ हो. हाल के महीनों में, फिलीपींस के साथ इस क्षेत्र में टकराव बढ़ा है. हेगसेथ के भाषण के दौरान, चीन की सेना ने स्कारबोरो शोल के पास "युद्ध तत्परता गश्त" की घोषणा की, जो फिलीपींस के साथ विवादित क्षेत्र है.

इस बार शांगरी-ला डायलॉग में चीन ने अपने वरिष्ठ रक्षा मंत्रालय अधिकारियों को नहीं भेजा. इसके बजाय, पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को भेजा गया. यह कदम दोनों देशों के बीच संवाद की कमी को दर्शाता है.