ईरान पर जमीनी हमला करने जा रही अमेरिका की सेना! तेहरान की ओर रवाना हुए 5000 मरीन
ईरान पर अमेरिका फिर तबाही मचाने को तैयार हो गया. एक रिपोर्ट मुताबिक, कई युद्धपोत और लगभग 5,000 मरीन तेहरान की ओर बढ़ रहे हैं...
International News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच, पेंटागन ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने का बड़ा फैसला किया है. तीन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पेंटागन मध्य पूर्व में 5000 के करीब मरीन और कई युद्धपोत भेजे रहा हैं. इससे साफ हाता है कि अमेरिकी सेना अब जमीनी लड़ाई के लिए तैयार हो रही है. यह यूनिट जमीन पर सबसे कारगर माना जाता है. यह देखने होगा कि अब ईरान इसके जवाब में क्या तैयारी करता है.
जमीनी हमले की तैयारी
एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ते समुद्री खतरे को देखते हुए रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक बड़े अनुरोध को तत्काल प्रभाव से मंज़ूरी दे दी है. यह अहम अनुरोध एक एम्फीबियस रेडी ग्रुप के एक हिस्से और उससे जुड़ी मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के लिए था. इस भारी-भरकम सैन्य टुकड़ी में आम तौर पर कई युद्धपोत और लगभग 5,000 मरीन शामिल होते हैं, जो किसी भी समुद्री या जमीनी हमले का त्वरित जवाब देने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं.
मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे युद्धपोत
इन सैन्य बलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है. दो अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जापान में तैनात युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली और उससे जुड़े मरीन अब सीधे मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं. अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की है कि अमेरिकी मरीन पहले से ही मध्य पूर्व में मौजूद हैं और वे ईरान से जुड़े ऑपरेशनों में लगातार सहायता कर रहे हैं.
कच्चे तेल का 20% हिस्सा
ओमान के सोहर इलाके में हुए हालिया ड्रोन हमले और व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बीच यह खबर एक बड़ी चिंता का विषय बन सकती है. पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच एक व्यापक युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और संकरे समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया भर में सप्लाई होने वाले कच्चे तेल का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है.