ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिका में यहूदियों के टेंम्पल पर अटैक, गोलियों से दहल उठा मिशिगन का सिनागॉग
ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका के मिशिगन में स्थित टेम्पल इजरायल सिनागॉग पर हमला हुआ. यहूदी समुदाय पर हुए इस हमले के बाद अमेरिका में सुरक्षा व्यव्स्था बढ़ा दी गई है.
अमेरिका के मिशिगन राज्य में वेस्ट ब्लूमफील्ड टाउनशिप स्थित टेम्पल इजरायल सिनागॉग पर गुरुवार को बड़ा हमला हुआ. जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति ने अपनी गाड़ी को स्पीड में सिनागॉग की इमारत में दरवाजे तोड़कर हॉल के अंदर घुसा दिया. इसके बाद गाड़ी में आग लग गई और धुआं उठने लगा.
घटना के बाद सिनागॉग में तैनात सुरक्षा गार्डों ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने संदिग्ध व्यक्ति पर गोलियां चलाईं. संदिग्ध भी गाड़ी से निकलते ही फायरिंग करने लगा लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उसे मार गिराया. इस दौरान एक सुरक्षा गार्ड को गाड़ी की टक्कर से चोटें आईं, लेकिन खतरे से बाह है.
विस्फोट के पीछे किसका हाथ?
पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद गाड़ी के पीछे विस्फोटक जैसी चीजें मिलने की बात कही है. सोशल मीडिया पर नजर आ रहे फुटेज में सिनागॉग की छत से घना धुआं निकलता दिखा. दर्जनों पुलिस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई पुलिसकर्मी धुएं से प्रभावित होकर अस्पताल चले गए.
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने संदिग्ध का नाम आयमन मोहम्मद गजाली बताया है. 41 वर्षीय लेबनान में जन्मा आरोपी गजाली 2011 में अमेरिका आया और 2016 में यहां का नागरिक बना था. एफबीआई इसे यहूदी समुदाय के खिलाफ लक्षित हमला माना है. हालांकि इसके पीछे का मकसद अभी पता नहीं चल पाया है.
स्कूल के बच्चे और स्टाफ सुरक्षित
टेम्पल इजरायल में अर्ली चाइल्डहुड सेंटर, प्रीस्कूल और डेकेयर चलता है. हमले के समय बच्चे और स्टाफ मौजूद थे हालांकि सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं. कोई भी बच्चा या स्टाफ घायल नहीं बताया जा रहा है. जूइश फेडरेशन ऑफ डेट्रॉइट ने आसपास के यहूदी संस्थानों को लॉकडाउन कर दिया. मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि यह दिल तोड़ने वाला है.
मिशिगन में यहूदी समुदाय को शांति से रहने और अपने धर्म का पालन करने का पूरा हक है. यहां यहूदी-विरोधी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं. एंटी-डिफेमेशन लीग ने कहा कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण दुनिया भर में यहूदी-विरोधी भावना बढ़ती जा रही है. कड़ी सुरक्षा के बावजूद हुए इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है. कई संस्थानों ने अतिरिक्त गार्ड और सिस्टम लगाए हैं.