ओमान में अमेरिका-ईरान वार्ता फेल? ट्रंप सरकार ने लगाए नए प्रतिबंध, तेहरान ने भरोसे की कमी को बताया बड़ी चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए मीडिला ईस्ट के देशों ने मिलकर ओमान में एक वार्ता आयोजित की. हालांकि यह वार्ता कितनी सफल रही यह ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बयानों से समझा जा सकता है.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर ओमान में शुक्रवार को बैठक की गई. ईरान की ओर से इस बैठक को सफल बताया गया है, वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस अप्रत्यक्ष वार्ता में दोनों पक्षों ने बातचीत पर सहमति जताई है.
अराघची ने कहा कि इस बैठक में दोनों देशों ने खुले रूप से अपने विचार को साझा किया है. उन्होंने कहा कि अब आगे की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देशों के नेगोशिएटर अपनी-अपनी राजधानियों में इस पर चर्चा के बाद इसे किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं.
मीडिल ईस्ट की मेहनत फेल?
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका ने भी तेहरान पर तनाव बनाना शुरू कर दिया था. जिसके बाद अमेरिका ने अपने युद्धपोत अरब सागर में उतार दिए. इसके बाद लगातार ईरान को धमकी दी जाने लगी. वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर ने भी इन धमकियों का खुलकर विरोध किया और अमेरिका को चेतावनी दी. ऐसे में मीडिल ईस्ट के दूसरे देश मध्यस्थता करने के लिए मैदान में उतरें. ओमान में दोनों देशों ने बढ़ते तनाव के बीच संवाद करने की कोशिश की. हालांकि कहा जा रहा है कि इस बैठक में सीधे संवाद करने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से अपनी बातें रखी गई.
वार्ता के बीच अमेरिका का तेहरान पर एक्शन
अराघची ने इस बैठक में भरोसे की कमी बताई. उन्होंने कहा कि भरोसे की कमी के कारण यह एक बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी है. वहीं अमेरिका ने कई बार यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह केवल परमाणु कार्यक्रमों पर इस बातचीत को सीमित नहीं रकना चाहता है बल्कि देश के अंदर चल रहे मुद्दों पर भी बात करना चाहता है. हालांकि ईरान के विदेश मंत्री ने साफ कहा कि ईरान केवल परमाणु कार्यक्रमों के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा.
इसके अलावा किसी भी दूसरे मुद्दे पर बीतचीत नहीं की जाएगी. उन्होंने ओमान में हुए इस बैठक को गंभीर बताया और कहा कि आगे की बैठक के लिए तेहरान और वॉशिंगटन विचार करेगा. हालांकि इस बैठक को ज्यादा सफल नहीं बताया जा रहा है क्योंकि ओमान में चल रहे बैठक के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक्शन लिया है. ट्रंप सरकार ने ईरान पर कई नए प्रतिबंध लगाए हैं और वहां रह रहे अपने नागरिकों को निकलने के लिए अर्जेट एडवाइजरी जारी की है.