IPL 2026 US Israel Iran War Weather IMD

उत्तराखंड में बदल रहा मौसम का तेवर, बढ़ती गर्मी से बर्फ पिघलने का बढ़ा खतरा; जानें क्या है IMD अपडेट

उत्तराखंड में गर्मी तेजी से बढ़ रही है. पिछले तीन दिनों से बारिश और बर्फबारी भी थमा हुआ है. हालांकि अगले कुछ दिनों में राज्य में बर्फबारी की संभावना है.

X (@shubhamtorres09)
Shanu Sharma

देहरादून: वैलेंटाइन वीक शुरू हो चुका है. ऐसे में लोग अपने वैलेंटाइन के साथ पहाड़ों में जाने का प्लान बना रहे हैं. लेकिन उत्तराखंड का मौसम अपना तेवर बदलता नजर आ रहा है. कुछ दिनों पहले तक बारिश और बर्फबारी हो रही थी, हालांकि अब धूप खिलने की वजह से ठंड से राहत मिली है. हालांकि बर्फबारी देखने की चाहत रखने वालों के लिए यह खबर उतनी अच्छी नहीं है.  

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तेज धूप ने पर्यटकों के मूड को खराब कर दिया है, हालांकि पहाड़ी इलाकों में अभी भी मौसम ठंडा है. हालांकि दिन भर धूप होने के बाद शाम में पूरे उत्तराखंड में ठंड का एहसास लोगों के मूड को थोड़ा ठीक रखे हुए हैं. 

मौस विभाग ने दिया अपडेट

मौसम विभाग द्वारा मौसम को लेकर दी गई जानकारी के मुताबिक आज यानी 7 फरवरी को राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. वहीं रानी खेत, मसूरी और नैनीताल समेत अन्य मैदानी इलाकों में आज बर्फबारी की कोई संभावना नहीं जताई गई है. पिछले तीन दिनों से उत्तराखंड में मौसम साफ है और कुछ इलाकों में तेज धूप ने लोगों को गर्मी का एहसास दिलाया है. हालांकि सुबह और शाम में हल्की ठंड से लोगों में राहत है. IMD ने अभी किसी भी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने का कोई संकेत नहीं दिया है. 

उत्तराखंड में इस दि होगी बर्फबारी

पहाड़ों पर घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए दो दिनों अच्छा समय आ सकता है. मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 9 फरवरी से कई पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर से बर्फबारी हो सकती है. वहीं उत्तरकाशी और रूद्रप्रयाग में भारी बारिश की उम्मीद है. इसके अलावा कुछ इलाकों में हिमपात का भी अलर्ट जारी किया गया है.

पहाड़ी इलाकों में पड़ रहे धूप की वजह से बर्फ तेजी से पिघल रहा है. खासकर औली और नंदा देवी स्लोप पर बर्फ कम हो रहे हैं, जिससे पिघलने का खतरा बढ़ गया है. उत्तराखंड में 12 फरवरी से नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप भी आयोजित हो रही  है. अगर 9 फरवरी को अच्छी बर्फबारी नहीं होती है तो आयोजन स्थल में बदलाव किया जा सकता है. औली से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर दूसरा विकल्प तैयार रखा गया है.