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एक ओर बातचीत दूसरी तरफ जंग की तैयारी? मीडिल ईस्ट में US का F-22s, F-35s, F-16s जेट विमान तैनात

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर जारी है. हालांकि इसी बीच अमेरिका मीडिल ईस्ट में अपनी मौजूदगी को और भी ज्यादा बढ़ा रहा है.

X (@NaeemAslam23, @NiohBerg)
Shanu Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका मीडिल ईस्ट में अपनी मौजूदगी को और भी ज्यादा मजबूत करने में जुटी है. अमेरिका ने मीडिल ईस्ट में पिछले 24 घंटे में 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात किए गए हैं. 

अमेरिकी अधिकारियों ने इस कदम को इलाके में हवाई और नेवल एसेट्स की एक बड़ी मजबूती बताया है. वहीं सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक कई F-22, F-35 और F-16 फाइटर जेट को इलाके में जाते हुए देखा गया है. जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद यह एक ऑपरेशन की तैयारी है. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा राउंड जारी है.

 मीडिल ईस्ट में क्या है अमेरिका की प्लानिंग?

रिपोर्ट की मानें तो USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन से निकल चुका है और अब मिड अटलांटिक में है, जो मिडिल ईस्ट की ओर जा रहा है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, जहाज की गतिविधियों की सेंसिटिविटी के कारण नाम न बताने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि फोर्ड तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS महान, USS बैनब्रिज और USS विंस्टन चर्चिल के साथ चल रहा है.

वहीं अमेरिका ने अपने युद्धपोत अब्राहम लिंकन को इस साल की शुरुआत में ही इस इलाके में तैनात किया गया था, जिससे वाशिंगटन की मिलिट्री मौजूदगी और गहरी हो गई. हालांकि ताकत के साफ प्रदर्शन के बाद भी, दोनों पक्षों ने डिप्लोमेसी के बारे में सावधानी से आशावादी रवैया अपनाया है.

क्या है ईरानी अधिकारी की राय?

अमेरिकी और ईरानी अधिकारी के बीच जिनेवा में बातचीत जारी है. हालांकि अभी भी बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा होना बाकी है. इस बैठक के बाद ईरानी अधिकारियों ने इशारा किया कि दो हफ्तों के भीतर और भी ज्यादा डिटेल्ड प्रपोजल के साथ लौटेंगे. ईरानी टीवी के मुताबिक पिछले मीटिंग के मुकाबला इस बार की मीटिंग में अच्छी प्रोग्रेस हुई है. हालांकि अराघची ने साफ कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि हम इतनी जल्दी किसी भी एग्रीमेंट पर पहुंच गए हैं. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करवाने में मीडिल ईस्ट के कई देश जुटे हुए हैं.