ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर आज से रोक लगाएगा अमेरिका
अमेरिका ने ईरान के साथ अपने टकराव में एक बड़ा नया कदम उठाने की घोषणा की है. US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि वह सोमवार, 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (शाम 7:30 बजे IST) से ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर देगा.
नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के साथ अपने टकराव में एक बड़ी घोषणा की है. US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि आज सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (शाम 7:30 बजे IST) से ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर देगा. इसके अनुसार, अमेरिकी सेनाएं अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी जहाजों को रोक देंगी.
बता दें कि यह नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर लागू की जाएगी. हालांकि, यूएस ने यह भी कहा कि वो उन जहाजों को नहीं रोकेगा जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होते हुए दूसरे देशों की तरफ जा रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रं ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान ने सीजफायर समझौते का पूरी तरह पालन नहीं करता है को अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने उन रिपोर्ट्स की आलाचना भी की थी जिनमें कहा गया था कि ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना बना रहा है.
इस चेतावनी पर क्या है ईरान की प्रतिक्रिया:
ईरान की संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने ट्रंप की कड़ी आलोचना की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि अमेरिकी जल्द ही फ्यूल प्राइस को याद करेगा. उन्होंने पोस्ट किया, "अभी की पंप कीमतों का मजा ले लो. फिर नाकेबंदी के बाद जल्द ही तुम $4-$5 प्रति गैलन वाली गैस के लिए तरसोगे."
ईरान के दावे को अमेरिका ने किया खारिज:
ईरान के इस दावे के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है. इसके बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका के दो युद्धपोतों को होर्मुज जलडमरूमध्य से वापस लौटने पर मजबूर कर दिया था. अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसके जहाज सुरक्षित रूप से वहां से गुजर गए थे.
अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल होने के बाद यह नाकेबंदी की गई है. इससे पहले तक दोनों देशों के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ था. बता दें कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली आगामी बातचीत अब और भी ज्यादा अहम हो गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी प्रतिबंध या टोल के पूरी तरह से खोल दे.