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अमेरिका और इजराइल ने राष्ट्रपति खामेनेई के कार्यालय और घर को बनाया निशाना, ईरान के 30 ठिकाने ध्वस्त

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को समन्वित हमलों में ईरान पर हमला किया. ईरान पर ये हमले हवाई और समुद्री दोनों माध्यमों से किए जा रहे हैं. ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी करने का दावा किया है.

@Vahid
Reepu Kumari

नई दिल्ली: पिछले कुछ हफ्तों में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य बलों की भारी तैनाती के बीच, तेहरान और इस्फहान में कई विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने के साथ ही शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया. ईरान भर में 30 से अधिक ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया गया, जिनमें ईरानी राष्ट्रपति का आवास, सर्वोच्च नेता का कार्यालय और प्रमुख सरकारी कार्यालय शामिल हैं.

ईरान ने तेहरान के पूर्व और उत्तर में विस्फोटों की सूचना दी है, जहां सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई रहते हैं. हालांकि, रॉयटर्स ने बताया कि खामेनेई को एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.

परमाणु स्थलों पर हमले

यह ताजा हमला अमेरिका द्वारा ईरान में महत्वपूर्ण परमाणु स्थलों पर हमले करने और पिछले साल जून में इजरायली लड़ाकू विमानों द्वारा देश भर में दर्जनों ठिकानों पर हमला करने के कुछ महीनों बाद हुआ है.

अमेरिका और इजराइल का ईरान पर हमला 

1. इजराइल ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ अमेरिका के समन्वय से ऑपरेशन शील्ड ऑफ जुडाह नामक एक पूर्व-नियोजित हमला शुरू किया है. इजराइल ने बताया कि इस ऑपरेशन की योजना महीनों पहले बनाई गई थी और इसकी शुरुआत की तारीख कुछ सप्ताह पहले ही तय कर ली गई थी.

2. ईरान में खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सर्वोच्च नेता का कार्यालय, ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी और ईरान के सबसे संवेदनशील सैन्य स्थलों में से एक परचिन सहित लगभग 30 स्थलों को निशाना बनाया गया है.

3. अमेरिका ईरान पर हवाई और समुद्री दोनों तरह से हमले कर रहा है. अमेरिका का कहना है कि ये हमले केवल ईरान के सैन्य ठिकानों पर केंद्रित हैं. वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी करते हुए कहा कि ईरान करारा जवाब देगा.

4. इस हमले के बाद इज़राइल और ईरान दोनों ने नागरिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है. ईरान द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका में इज़राइल ने आपातकाल की घोषणा भी कर दी है.

ऑपरेशन शील्ड ऑफ जुदाह इसे नाम दिया गया है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच परमाणु समझौते के लिए राजनयिक प्रयास जारी थे.