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Iran-US Relation: दशकों की दुश्मनी के बीच बड़ा मोड़! अंतिम समझौते से पहले अमेरिका ने ईरान को दिया ऐसा तोहफा, दुनिया रह गई हैरान

अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. दशकों से जारी प्रतिबंधों के बीच वाशिंगटन ने ईरान को तेल निर्यात की अनुमति देकर बड़ी राहत दी है.

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Edited By: Reepu Kumari
Iran-US Relation: दशकों की दुश्मनी के बीच बड़ा मोड़! अंतिम समझौते से पहले अमेरिका ने ईरान को दिया ऐसा तोहफा, दुनिया रह गई हैरान
Courtesy: Grok

लंबे समय से तनावपूर्ण संबंधों में उलझे अमेरिका और ईरान अब बातचीत के जरिए नए रास्ते तलाशते नजर आ रहे हैं. इसी बीच अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कई वर्षों पुराने प्रतिबंधों में उल्लेखनीय ढील देने का कदम उठाया है. यह फैसला उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच अंतिम शांति समझौते की दिशा में वार्ताएं जारी हैं. अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि बातचीत के जरिए क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत किया जा सकता है. ऐसे में तेल निर्यात की अनुमति को दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

तेल कारोबार के लिए खुला नया रास्ता

अमेरिकी वित्त विभाग ने एक सामान्य लाइसेंस जारी कर 21 अगस्त तक ईरानी मूल के कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति दी है. इसके तहत आवश्यक परिस्थितियों में ईरानी तेल को अमेरिका में आयात करने की भी छूट दी गई है. यह कदम कई दशकों बाद सामने आया है और इसे आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

60 दिनों की विशेष छूट पर बनी सहमति

समझौते के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 60 दिन का अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है. इसमें ईरानी तेल के उत्पादन, वितरण और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों को मंजूरी दी गई है. साथ ही बैंकिंग, बीमा और परिवहन जैसी संबंधित सेवाओं को भी छूट के दायरे में शामिल किया गया है. लाइसेंस के अनुसार भुगतान अमेरिकी डॉलर में भी किया जा सकेगा, हालांकि कुछ देशों और क्षेत्रों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है.

वार्ता में दिखी सकारात्मक प्रगति

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, स्विट्जरलैंड में जारी वार्ताओं के दौरान ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को प्रवेश देने की प्रतिबद्धता जताई है. मध्यस्थों का कहना है कि शुरुआती दौर की बातचीत में उत्साहजनक प्रगति दर्ज की गई है. इसी आधार पर दोनों पक्ष अंतिम शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

प्रतिबंधों के लंबे इतिहास के बीच बड़ा बदलाव

अमेरिका ने पहली बार 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे. इसके बाद परमाणु कार्यक्रम और अन्य मुद्दों को लेकर कई दौर के अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए गए. वर्षों तक चीन सहित कुछ सीमित खरीदार ही ईरानी तेल खरीदते रहे. अब ताजा छूट को दोनों देशों के संबंधों में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. अंतरिम समझौते के बाद वैश्विक तेल कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई है, जिससे ऊर्जा बाजार में राहत का माहौल बना है.