यमन के हूती विद्रोहियों पर अमेरिका का प्रहार, Tomahawk मिसाइलों से 30 ठिकानों को बनाया निशाना
US Air Force targets 30 positions of Houthi rebels in Yemen: हूती विद्रोहियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है. हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने उनके ठिकानों पर मिसाइल हमला किया है.
US Air Force targets 30 positions of Houthi rebels in Yemen : इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग से मिडिल ईस्ट में युद्ध का संकट गहराता जा रहा है. यमन के हूती विद्रोही हमास के समर्थन में लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं. हूती विद्रोहियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है. हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने उनके ठिकानों पर मिसाइल हमला किया है.
5 हूतियों के मारे जाने की खबर
अमेरिका ने हूतियों के कई ठिकानों को तबाह कर दिया है. शुक्रवार को उनके रडार सिस्टम को भी अमेरिका ने निशाना बनाया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि वह शिपिंग रूट की सुरक्षा के लिए मजबूत और ठोस कदम उठाने से नहीं कतराएंगे. उन्होंने कहा कि वह शिपिंग रूट की सुरक्षा चाहते हैं. अमेरिका के ताजा हमले में 5 हूतियों के मारे जाने की भी खबर सामने आई है.
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30 ठिकानों पर मिसाइल हमला
अमेरिकी सेना ने टॉमहॉक मिसाइल से यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला किया है. अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी कि हूतियों के रडार सिस्टम को ध्वस्त कर दिया गया है. इसी रडार सिस्टम का इस्तेमाल करके लाल सागर पर हूती विद्रोही मिसाइल दाग रहे थे. जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने हूतियों के 30 ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया. यमन की राजधानी साना के अल दैलामी एयरबेस पर ही अमेरिका ने मिसाइल हमला किया. हूती विद्रोहियों ने अमेरिकी हमले के जवाब में एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. लेकिन इसमें अमेरिकी शिप पर कोई नुकसान नहीं हुआ.
बाइडेन बोले बर्दाश्त नहीं करेंगे...
अमेरिकी वायु सेना की मध्य पूर्व कमान ने यमन के हूती विद्रोहियों पर किए गए हमले की जानकारी देते हुए बताया कि कमांड-एंड-कंट्रोल नोड्स, युद्ध सामग्री डिपो, लॉन्चिंग सिस्टम आदि को मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि लाल सागर पर लगातार हो रहे हमलों को अमेरिका और उसके सहयोगी बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि कूटनीति के जरिए उन्होंने मुद्दा का निपटारा करने का प्रयास भी किया लेकिन जब नतीजा नहीं निकला तो उन्हें ये कदम उठाना पड़ा.