नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी रणनीतिक खींचतान के बीच अमेरिकी वायुसेना के एक प्रमुख विमान के साथ हुई इस रहस्यमयी घटना ने वैश्विक स्तर पर भारी चिंता बढ़ा दी है. केसी-135 स्ट्रेटोटैंकर, जिसे अक्सर अमेरिकी लड़ाकू विमानों की मुख्य 'लाइफलाइन' माना जाता है, फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते समय गंभीर तकनीकी संकट का शिकार हो गया. रडार डेटा से पता चला कि विमान ने अचानक '7700' संकट कोड भेजा, जो हवा में बड़े खतरे का सूचक है. यह घटना ईरान के भौगोलिक क्षेत्र के बेहद पास हुई है.
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अल धफरा एयर बेस से उड़ान भरने वाले इस विशालकाय टैंकर विमान ने कतर के ऊपर अपने सिग्नल खोने से पहले हवा में एक असामान्य गोलाकार पैटर्न बनाया. ऐसा लग रहा था मानो चालक दल लैंडिंग से पहले स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा हो. हालांकि विमान ने बाद में सुरक्षित उतरने के लिए नीचे आना शुरू किया, लेकिन आपातकाल का वास्तविक कारण अभी भी अनसुलझा है. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ने विमान की वर्तमान स्थिति पर अभी तक पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है.
ईरान की समाचार एजेंसी 'फारस' ने इस विमान के रडार से गायब होने की खबर को प्रमुखता से कवर किया है. हालांकि, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी आपातकाल में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है. दिलचस्प बात यह है कि वाशिंगटन ने भी इस लैंडिंग को किसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई या हमले से नहीं जोड़ा है. इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच पुराने इतिहास को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञ इस घटना को बहुत ही गंभीरता से और बारीकी से देख रहे हैं ताकि तनाव न बढ़े.
यह संकट ऐसे समय में आया है जब कुछ ही समय पहले मार्च में अमेरिका ने एक अन्य केसी-135 विमान को ईरानी हमले में खो दिया था. उस समय इराक के एक सशस्त्र समूह ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा बताया था. पुरानी यादें अभी ताजी ही थीं कि इस नई घटना ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. इस विमान का रडार से अचानक हटना भविष्य में एक बड़ी कूटनीतिक हलचल पैदा कर सकता है.
केसी-135 स्ट्रेटोटैंकर पिछले छह दशकों से अमेरिकी हवाई ताकत का आधार स्तंभ रहा है. यह बोइंग 707 के डिजाइन पर आधारित है और इसका मुख्य कार्य हवा में ही दूसरे विमानों को ईंधन देना है. चार शक्तिशाली टर्बोफैन इंजनों वाला यह विमान फाइटर जेट्स और बॉम्बर्स को हफ्तों तक हवा में रहने और हजारों किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने में मदद करता है. इसमें ईंधन प्रणालियों के ऊपर एक विशाल कार्गो डेक भी होता है, जो इसे विभिन्न प्रकार के सैन्य कार्यों के लिए उपयुक्त बनाता है.
ईंधन भरने के अलावा, केसी-135 का उपयोग गंभीर रूप से बीमार सैनिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भी किया जाता है. इसके कार्गो डेक में विशेष मेडिकल पैलेट लगाए जा सकते हैं, जिससे यह एक उड़ते हुए अस्पताल में बदल जाता है. चालक दल के विन्यास के आधार पर, यह लगभग 37,600 किलोग्राम कार्गो या दर्जनों यात्रियों को एक साथ ले जा सकता है. इसकी बहुमुखी प्रतिभा ही इसे दुनिया भर के सामरिक सैन्य अभियानों में इतना अधिक महत्वपूर्ण, अपरिहार्य और अत्यंत उपयोगी बनाती है जिसे सेना का गौरव माना जाता है.