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India Daily

ईरान के आगे झुका अमेरिका, यूरेनियम संवर्धन की शर्त को किया स्वीकार!

रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जिनेवा में हुई बातचीत के दौरान ईरान से पूरी तरह संवर्धन रोकने की मांग नहीं की गई. बातचीत अब तकनीकी मुद्दों पर केंद्रित है, जैसे—संवर्धन किस जगह होगा, किस स्तर तक होगा और कितनी सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगेंगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान के आगे झुका अमेरिका, यूरेनियम संवर्धन की शर्त को किया स्वीकार!
Courtesy: X

ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी Iranian Students’ News Agency (ISNA) ने एक राजनयिक के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान की उस शर्त को स्वीकार कर लिया है, जिसमें यूरेनियम संवर्धन जारी रखने की बात कही गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जिनेवा में हुई बातचीत के दौरान ईरान से पूरी तरह संवर्धन रोकने की मांग नहीं की गई. बातचीत अब तकनीकी मुद्दों पर केंद्रित है, जैसे—संवर्धन किस जगह होगा, किस स्तर तक होगा और कितनी सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगेंगी.

जिनेवा में दूसरी दौर की बैठक

अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की दूसरी दौर की मुलाकात मंगलवार को जिनेवा में हुई. यह वार्ता ओमान की मध्यस्थता से कराई गई. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी हाल में कहा था कि अमेरिका ने “जीरो एनरिचमेंट” की शर्त नहीं रखी है. उनके अनुसार दोनों पक्ष एक “तेज समझौते” की दिशा में काम कर रहे हैं.

ट्रंप का सख्त रुख, सैन्य दबाव भी जारी

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मध्य-पूर्व में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि अगर तय समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है. हालांकि दोनों पक्षों ने ताजा बैठक के बाद प्रगति की बात कही है, लेकिन तीसरे दौर की वार्ता की तारीख अभी तय नहीं हुई है.

क्या बाहर भेजी जाएगी परमाणु सामग्री?

ISNA के मुताबिक, ईरान ने यह भी साफ किया है कि वह अपने परमाणु सामग्री को किसी अन्य देश में भेजने के प्रस्ताव पर सहमत नहीं है. क्षेत्रीय स्तर पर संयुक्त संवर्धन व्यवस्था का मुद्दा भी फिलहाल चर्चा में नहीं है. फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों देश समझौते का मसौदा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि बातचीत समझौते में बदलती है या तनाव और बढ़ता है.