नई दिल्ली: अमेरिका ने हाल ही में एक शक्तिशाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण उस समय हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु हथियारों के परीक्षण को फिर से शुरू करने की बात कही.
डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते पेंटागन को निर्देश दिया कि वह 30 साल से ज्यादा समय बाद परमाणु हथियारों के लाइव परीक्षण की तैयारी करे. इसके ठीक कुछ दिन बाद अमेरिकी वायुसेना ने मिनटमैन III इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया.
यह लॉन्च कैलिफोर्निया के वेंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से हुआ. मिसाइल बिना हथियार के थी और हजारों मील दूर मार्शल आइलैंड्स में रोनाल्ड रीगन बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस टेस्ट साइट के पास गिरी.
वायुसेना ने बताया कि यह परीक्षण कोडनेम GT 254 के तहत हुआ और पूरी तरह सफल रहा. हालांकि यह लॉन्च कई महीने पहले से प्लान किया गया था लेकिन ट्रंप के बयान के कारण इस पर ज्यादा ध्यान गया.
मिनटमैन III अमेरिका की परमाणु ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह कोल्ड वॉर के समय का हथियार है और 'परमाणु ट्रायड' का एक हिस्सा है. ट्रायड में जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलें, पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली मिसाइलें और हवाई हमले शामिल हैं.
रफ्तार और रेंज: यह मिसाइल करीब 15,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ती है. यह पैसिफिक महासागर के पार लगभग 4,200 मील की दूरी तय कर सकती है.
टारगेटिंग क्षमता: इसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स (MIRVs) लगे होते हैं, जो अलग-अलग लक्ष्यों पर सटीक हमला कर सकते हैं.
आधुनिकीकरण: सालों से इसमें गाइडेंस सिस्टम और प्रोपल्शन को अपडेट किया गया है, ताकि यह लंबे समय तक काम कर सके.
यह मिसाइल सिर्फ जवाबी हमले के लिए बनाई गई है यानी दुश्मन के परमाणु हमले के बाद ही इस्तेमाल होती है. 1970 के दशक में तैनात हुई यह मिसाइल आज भी अमेरिका की रक्षा रणनीति की रीढ़ है.
अमेरिकी वायुसेना मिनटमैन III को धीरे-धीरे LGM-35A सेंटिनल से बदलने की योजना बना रही है. सेंटिनल नई पीढ़ी की मिसाइल होगी, जिसमें ज्यादा रेंज और साइबर सुरक्षा होगी लेकिन तब तक मिनटमैन III ही मुख्य भूमिका निभाएगी. मई में भी इसी तरह का एक सफल परीक्षण हुआ था.