'ईरान के लावान द्वीप पर कब्जा करो', ट्रंप के अधिकारियों ने UAE को दी सलाह

ईरान से बढ़ते संघर्ष के बीच UAE अमेरिका और इजरायल के करीब आता दिख रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में लावान द्वीप पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है जबकि मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देशों के रिश्तों में टेंशन बढ़ गई है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही टेंशन बीच अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का रोल भी तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े कुछ अधिकारियों ने UAE को सलाह दी है कि वह ईरान के खाड़ी इलाके में स्थित लावान द्वीप पर कब्जा कर ले. माना जा रहा है कि अमेरिका चाहता है कि इस संघर्ष में UAE खुलकर सामने आ जाए.

एक पूर्व अमेरिकी सिक्योरिटी ऑफिशियल ने ये दावा किया है कि ट्रंप के करीबी लोगों का मानना है कि अगर इस कार्रवाई में अमेरिकी सैनिकों की जगह UAE की सेना शामिल हो तो यह अमेरिका के लिए बेहतर होगा. रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अप्रैल की शुरुआत में UAE ने लावान द्वीप पर गुप्त सैन्य हमले किए थे हालांकि अबू धाबी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

ईरान ने यूएई पर दागी मिसाइलें और ड्रोन

गौरतलब है कि करीब 11 हफ्तों से चल रहे इस संघर्ष के दौरान ईरान ने UAE पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार 2800 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले UAE पर किए गए हैं. इन हमलों के बाद UAE को अपने सिक्योरिटी सिस्टम और इंटरनेशनल रिलेशन पर दोबारा विचार करना पड़ा है.

यूएई की अमेरिका से बढ़ी नजदीकियां

इस तनाव के बीच UAE की नजदीकियां अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ी हैं. वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब समेत कुछ खाड़ी देशों के साथ उसके रिश्तों में तनाव बढ़ने की खबरें भी आई हैं. ऐसा माना जा रहा है कि इस युद्ध ने खाड़ी देशों को एकजुट करने के बजाय उनके बीच दूरियां और बढ़ा दी हैं. इसी साल UAE ने सऊदी प्रभाव वाले तेल संगठन OPEC से अलग होने का भी फैसला लिया है.

पूर्व अमेरिकी राजदूत बारबरा लीफ ने कहा कि UAE अब साफ तौर पर यह तय कर रहा है कि इस संकट में उसका असली साथी कौन है. वहीं रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि UAE के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब और कतर से ईरान के खिलाफ कार्रवाई में साथ देने की अपील की थी लेकिन उन्हें पूरा सपोर्ट नहीं मिला.

इजराइल ने यूएई का दिया साथ

इस बीच इजरायल और UAE के रिश्ते भी मजबूत हुए हैं. इजरायल ने कथित तौर पर UAE को आयरन डोम डिफेंस सिस्टम दिए ताकि ईरानी हमलों को रोका जा सके. वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने ये दावा किया कि उन्होंने मार्च में UAE का गुप्त दौरा किया था हालांकि UAE ने इससे इनकार किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अमेरिका, इजरायल और UAE के बीच गठबंधन को मजबूत कर रहा है लेकिन इससे मध्य पूर्व में नए तनाव भी पैदा हो सकते हैं.