Trump Tariff Dividend Plan: टैरिफ से मिले पैसे से अमरीकी जनता को मिलेगा बोनस? ट्रंप की चौंकाने वाली योजना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि भारत समेत अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ से हुई कमाई का हिस्सा अमेरिकी जनता में डिविडेंड के रूप में बांटा जा सकता है. यह योजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार और घरेलू राजनीति दोनों पर पड़ सकता है.

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Trump Tariff Dividend Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नई और चौंकाने वाली योजना पर विचार कर रहे हैं, जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर लगाए गए टैरिफ से प्राप्त राजस्व का हिस्सा अमेरिकी नागरिकों में 'डिविडेंड' के रूप में बांटने की संभावनाएं तलाश रहे हैं. यह योजना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका ने भारत सहित कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने का ऐलान किया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय आयात पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के उसी दिन इस योजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार टैरिफ से होने वाली कमाई का एक हिस्सा सीधे नागरिकों तक पहुंचा सकती है. डिविडेंड का यहां अर्थ है किसी वित्तीय लाभ का हिस्सा आम जनता को देना.

इस योजना का पूरा खाका 

हालांकि इस योजना का पूरा खाका अभी सामने नहीं आया है, लेकिन यह घोषणा अमेरिकी घरेलू राजनीति में खासकर चुनावी माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है. टैरिफ की बात करें तो भारत पर सबसे ज्यादा 25% शुल्क लगाया गया है, जबकि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन पर 15%, जापान पर 10% और दक्षिण कोरिया पर केवल 5% शुल्क लगाया गया है. इसके अलावा कनाडा पर 35%, ब्राज़ील पर 50%, स्विट्जरलैंड पर 39% और ताइवान पर 20% टैरिफ की घोषणा हुई है.

आयात पर यह नया टैक्स 

एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत कुल 69 देशों और यूरोपीय संघ से आयात पर यह नया टैक्स 7 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा. इन टैरिफों में सबसे ऊंचा शुल्क सीरिया पर 41% है, इसके बाद लाओस और म्यांमार पर 40%, और इराक व सर्बिया पर 35% टैरिफ तय किया गया है.

टैरिफ को लेकर बातचीत 

इस बीच, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत भी जारी है. पहले चीन पर 145% तक टैरिफ लगाया गया था, लेकिन दोनों देशों में समझौते की दिशा में कुछ प्रगति हुई है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जानकारी दी कि दोनों पक्ष एक संतुलित व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं, हालांकि अंतिम सहमति अभी बाकी है.

अमेरिकी इतिहास में पहली बार 

डोनाल्ड ट्रंप की यह नई योजना अगर लागू होती है, तो यह अमेरिकी इतिहास में पहली बार होगा जब टैरिफ से हुई कमाई सीधे जनता के हाथ में पहुंचेगी लेकिन यह कितना व्यावहारिक है और इसका वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा.