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India Daily

'गाड़ियों के दाम बढ़े तो बढ़े, मुझे फर्क नहीं पड़ता', ऑटो टैरिफ पर बोले डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, 3 अप्रैल से 25% आयात शुल्क लगने पर अगर कार कंपनियां दाम बढ़ाती हैं, तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता. उनके हिसाब से, इससे अमेरिकी कारें ज्यादा बिकेंगी, पर जानकार कहते हैं, इससे अमेरिकी ग्राहकों को नुकसान होगा.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
'गाड़ियों के दाम बढ़े तो बढ़े, मुझे फर्क नहीं पड़ता', ऑटो टैरिफ पर बोले डोनाल्ड ट्रंप
Courtesy: pinterest

Trump Auto Tariffs: शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें 'बिल्कुल भी परवाह नहीं' है अगर आयात शुल्क लगाने के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियां अमेरिकी नागरिकों के लिए कारों की कीमतें बढ़ाती हैं. ऐसी खबरें आई हैं कि ट्रंप ने ऑटो अधिकारियों को धमकी दी थी कि अगर कीमतें बढ़ती हैं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन उन्होंने बताया कि कीमतें बढ़ने से अमेरिकी निर्माताओं को फायदा होगा.

उन्होंने कहा, 'मुझे बिल्कुल भी परवाह नहीं है. मुझे उम्मीद है कि वे अपनी कीमतें बढ़ाएंगे, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो लोग अमेरिका में बनी कारें खरीदेंगे. हमारे पास बहुत सी कारें हैं.' गुरुवार को, ट्रंप ने अमेरिका के बाहर बनी कारों और हल्के ट्रकों पर 25 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया, जो 3 अप्रैल से लागू होगा.

एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

मेक्सिको और कनाडा के साथ अमेरिकी व्यापार समझौते में शामिल देशों से कार पार्ट्स पर शुल्क को तब तक के लिए टाल दिया जाएगा जब तक अधिकारी मिक्स्ड सप्लाई चैन को सुलझाने की कोशिश करते हैं. लेकिन ट्रंप इम्पोर्ट ड्यूटी को स्थायी बनाना चाहते हैं, ताकि अमेरिकी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके और उनकी राय में, अमेरिकी ऑटो उद्योग को बचाया जा सके. उनके उत्तेजना के बावजूद, सबसे बड़ी अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयर की कीमतें गिर गई हैं और एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि कीमतों में वृद्धि से अमेरिकी कंस्यूमर को नुकसान होगा.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि...

ट्रम्प का ये बयान अमेरिकी ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा बदलाव लाने की बात कर रहा है. वो चाहते हैं कि अमेरिका में बनी गाड़ियां ही बिकें. इससे अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा और लोगों को भी अमेरिका में बनी गाड़ियां खरीदने का मौका मिलेगा. लेकिन इसका सीधा असर गाड़ियों की कीमतों पर पड़ेगा. और वो कीमतें बढ़ने की सम्भावना है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को नुकसान होगा. लेकिन ट्रम्प को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. वो कहते हैं कि अगर कंपनियां अपनी कीमतें बढ़ाती हैं, तो लोग अमेरिका में बनी गाड़ियां खरीदेंगे.