नई दिल्ली: अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेक इंडस्ट्री के कुछ नेताओं के बीच मतभेद सामने आए हैं. ट्रंप ने AI पर नए गार्डरेल्स लगाने की मांग का विरोध करते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व ही इसका पर्याप्त नियंत्रण है. उन्होंने चेतावनी दी कि विकास धीमा करने से चीन को फायदा मिल सकता है.
ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि AI को अलग से अतिरिक्त नियंत्रण या गार्डरेल्स की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक, एक मजबूत और समझदार राष्ट्रपति ही इस तकनीक पर जरूरी निगरानी रख सकता है. ट्रंप ने AI और डेटा सेंटरों के विस्तार का विरोध करने वालों को भी निशाने पर लिया और कहा कि तकनीकी विकास रोकने की कोशिश अमेरिका की स्थिति को कमजोर कर सकती है.
ट्रंप की यह टिप्पणी Anthropic के CEO डारियो अमोडेई के उस रुख के बाद आई, जिसमें उन्होंने AI के विकास की गति को धीमा करने की जरूरत बताई थी. अमोडेई ने AI से जुड़े संभावित जोखिमों को देखते हुए कंपनियों से सावधानी बरतने की अपील की है. इसके जवाब में ट्रंप ने अमोडेई पर तीखी टिप्पणी की और कहा कि उनकी सरकार जरूरत पड़ने पर AI कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी. हालांकि, उन्होंने Anthropic के खिलाफ उठाए गए किसी खास कदम का विवरण नहीं दिया.
AI के तेजी से विकास के साथ यह सवाल लगातार बड़ा हो रहा है कि अत्याधुनिक सिस्टम पर किस तरह के सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं. टेक कंपनियों के अधिकारियों और नीति निर्माताओं के बीच AI सुरक्षा, कानूनी जिम्मेदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा चल रही है. ज्यादा सक्षम AI सिस्टम के संभावित गलत इस्तेमाल और सुरक्षा जोखिमों ने इस बहस को और तेज किया है. अमोडेई जैसे कुछ टेक नेताओं का जोर विकास की रफ्तार पर नियंत्रण रखने पर है.
ट्रंप ने AI से जुड़ी बहस को अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा से भी जोड़ दिया है. उनका कहना है कि AI के विकास को धीमा करने वाले कदमों से चीन को बढ़त मिल सकती है. उन्होंने अमेरिका को इस दौड़ में आगे बताते हुए अपनी बढ़त बनाए रखने पर जोर दिया. ट्रंप का रुख ऐसे समय आया है, जब AI के विकास को लेकर सुरक्षा और नवाचार के बीच संतुलन बनाने पर अमेरिका में व्यापक बहस जारी है.