टाइटैनिक हादसे में बचने वाले शख्स का लिखा पत्र नीलाम, 3.4 करोड़ रुपये में हाथों-हाथ बिका

Titanic Survivor Letter Sold Over More than 3 Crore: ग्रेसी के अंतिम शब्द कथित तौर पर थे, "हमें उन्हें नावों में ले जाना चाहिए. हमें उन सभी को नावों में ले जाना चाहिए."

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Gyanendra Tiwari

Titanic Survivor Letter Sold Over More than 3 Crore: 1912 में टाइटैनिक हादसे में 1500 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में कुछ लोगों की जान बच गई थी. ऐसे ही एक शख्स की भी जान बची थी, जिसने पत्र लिखा था. अब उसका पत्र करोड़ों में नीलाम हुआ है. इस पत्र को अमेरिका के एक शख्स ने खरीदा है. शनिवार को इस पत्र को इंग्लैंड के विल्टशायर में नीलाम किया गया. इस पत्र के लेखक कर्नल आर्चीबाल्ड ग्रेसी थे. जब वह 10 अप्रैल 1912 को इस जहाज पर चढ़े थे तब उन्होंने यह लेटर लिखा था. लेकिन 15 अप्रैल को टाइटैनिक डूब गया. 

कर्नल आर्चीबाल्ड ग्रेसी फर्स्ट क्लास पैसेंजर थे. 54 साल के ग्रेसी ने जहाज के बारे में अपने विचार व्यक्त किए थे. उन्होंने पत्र में लिखा था, "यह एक बहुत ही अच्छी जहाज है. लेकिन जब तक मैं अपनी यात्रा खत्म नहीं किया तब तक मैं इस जहाज के बारे में अपने अंतिम विचार नहीं व्यक्त करूंगा."

ऐसे बचे थे कर्नल आर्चीबाल्ड


कर्नल आर्चीबाल्ड को नहीं पता था कि कुछ दिनों बाद उनके शब्द इतनी गबराहट पैद कर देंगे. शायद किसी को इस बात का आभाष नहीं था कि 15 अप्रैल 1912 को टाईटैनिक  जहाज डूब जाएगा. उन्हें एक लाइफबोट पर सवार अन्य यात्रियों द्वारा बचा लिया गया.

टाइटैनिक में पानी घुसने के बाद वह पानी में कूद गए. बचने के बाद उन्होंने अपने टाइटैनिक के अनुभव पर एक 'The Truth about the Titanic' शीषर्क से एक किताब भी लिखी थी. उनकी यह किताब मरणोपरांत प्रकाशित हुई थी. 

बचने के कुछ समय बाद हो गई थी उनकी मौत

मलबे से बचने के बावजूद, ग्रेसी हाइपोथर्मिया के शारीरिक प्रभावों से पीड़ित रहे.  अगले कुछ महीनों में उनका स्वास्थ्य बिगड़ता गया और वे मरने वाले पहले वयस्क टाइटैनिक बचे व्यक्ति बन गए.  दिसंबर 1912 में उनकी मृत्यु हो गई. टाइटैनिक हादसे के समय, ग्रेसी यूरोप की यात्रा के बाद न्यूयॉर्क लौट रहे थे.

ग्रेसी के पिता ने गृहयुद्ध के दौरान एक कॉन्फेडरेट अधिकारी के रूप में काम किया था, और उनके परदादा ने ग्रेसी मेंशन का निर्माण किया था, जो आज भी न्यूयॉर्क शहर के मेयर का आधिकारिक निवास है.