बिना रजिस्ट्रेशन शोरूम से नहीं मिलेगी नई गाड़ी, उत्तराखंड में सख्ती

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में अब बिना स्थायी पंजीकरण के नई कार, बाइक या अन्य वाहन शोरूम से बाहर नहीं निकल सकेंगे. नियम तोड़ने पर डीलर और वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी.

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Kuldeep Sharma

कुमाऊं: त्योहारी सीजन में नई गाड़ी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर है. कुमाऊं में परिवहन विभाग ने 1988 के मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है. अब वाहन खरीदने के बाद उसे बिना स्थायी रजिस्ट्रेशन के शोरूम से घर ले जाने की अनुमति नहीं होगी.

37 साल पुराने नियम पर अब सख्ती

परिवहन विभाग के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 39 के तहत वाहन का पंजीकरण जरूरी है. अब तक कई मामलों में बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन शोरूम से बाहर कर दिए जाते थे और बाद में उनका पंजीकरण कराया जाता था. कुमाऊं आयुक्त के निर्देश के बाद यह व्यवस्था बंद की जा रही है. सभी डीलरों और अधिकारियों को नियम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

डीलर और मालिक दोनों पर कार्रवाई

सड़क पर बिना नंबर का नया वाहन मिलने पर वाहन मालिक के साथ शोरूम संचालक भी कार्रवाई की जद में आएगा. नियमों के तहत शोरूम संचालक पर बेचे गए वाहन के टैक्स का 15 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा वाहन को सीज भी किया जा सकता है. एआरटीओ रामनगर सुरेंद्र सिंह कपकोटी ने बताया कि पहले वाहन रिलीज करने के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.


त्योहारों में बढ़ जाती है वाहनों की बिक्री

त्योहारी मौसम में वाहनों की बिक्री बढ़ने के कारण परिवहन विभाग ने इस बार पहले से सख्ती की तैयारी की है. 2025 में दीपावली के दौरान उत्तराखंड में करीब 42 से 43 हजार वाहन बिके थे, जबकि सामान्य दिनों में बिक्री लगभग 20 हजार रहती है. पिछले साल त्योहारी सीजन में हल्द्वानी आरटीओ क्षेत्र में करीब 3900 से 4300 और रामनगर एआरटीओ क्षेत्र में 700 से 800 वाहन बिके थे.