Tibet Earthquake: 2 दिन बाद फिर कांपी धरती, 4.5 तीव्रता के झटके से दहशत
Tibet Earthquake: चीन के तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप के दो दिन बाद शनिवार सुबह फिर धरती कांप उठी. इस बार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई. इससे पहले आए भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई थी.
Tibet Earthquake: चीन के तिब्बत में गुरुवार शाम को भयंकर भूकंप आया था, जिसमें 16 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. अब इसके दो दिन बाद यानी शनिवार सुबह एक बार फिर से तिब्बत में भूकंप आया है. इस बार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 मापी गई. इससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है.
भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया. इसका केंद्र 31.485 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 93.528 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था. चीन की ओर से अब तक इस नए झटके पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
राहत और बचाव कार्य जारी:
तिब्बत में भूकंप प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. चीनी अधिकारी ड्रोन, मानवरहित विमान और सैटेलाइट की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं. अब तक 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है. प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री भी भेजी गई है. इसमें 1,000 अस्थायी घर, 3,239 टेंट, 2,821 फोल्डिंग बेड और 4,280 कंबल शामिल हैं.
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के रहने की उचित व्यवस्था करने और जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया है. साथ ही, क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा है.
भूकंप से 16 लोगों की मौत, 76 घायल:
अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार को तिब्बत के नागकू शहर के बाकेन काउंटी में 7 तीव्रता का भूकंप आया था. इसकी गहराई 10 किलोमीटर से कम बताई गई. इस शक्तिशाली भूकंप में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 76 लोग घायल हुए हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, भूकंप के कारण संचार सेवाएं प्रभावित हुईं. सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे को कुछ ट्रेनों का परिचालन रोकना पड़ा. भूस्खलन और चट्टानें गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग 317 का एक हिस्सा भी प्रभावित हुआ.