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टेक्सास ने स्टेट कॉलेजों और एजेंसियों में नए H-1B वीजा पर लगाई रोक, अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा के लिए लिया फैसला

टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य एजेंसियों और विश्वविद्यालयों में नए H-1B वीजा पर रोक लगा दी है. यह फैसला अमेरिकी श्रमिकों को प्राथमिकता देने और वीजा दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लिया गया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका में इमीग्रेशन नीति को लेकर सख्ती बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की सभी एजेंसियों और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में नए H-1B वीजा आवेदन पर तत्काल रोक लगा दी है. यह आदेश 31 मई 2027 तक लागू रहेगा. गवर्नर का कहना है कि H-1B कार्यक्रम का दुरुपयोग कर योग्य अमेरिकी नागरिकों की जगह विदेशी श्रमिकों को नियुक्त किया जा रहा है, जिसे अब रोका जाना जरूरी है.

H-1B वीजा पर अचानक रोक

गवर्नर ग्रेग एबॉट ने राज्य एजेंसियों के प्रमुखों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि सभी नए H-1B वीजा आवेदन तत्काल प्रभाव से रोक दिए जाएं. यह फैसला संघीय स्तर पर H-1B कार्यक्रम की समीक्षा और कथित गड़बड़ियों की रिपोर्टों के बाद लिया गया है. आदेश के अनुसार, बिना लिखित अनुमति के कोई भी राज्य संस्था नया वीजा आवेदन नहीं कर सकेगी.

क्यों उठाया गया यह कदम

एबॉट का कहना है कि H-1B कार्यक्रम का मकसद अमेरिकी कार्यबल की मदद करना था, न कि उसकी जगह लेना. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नियोक्ता योग्य अमेरिकी कर्मचारियों की भर्ती के लिए ईमानदार प्रयास नहीं करते और कम वेतन पर विदेशी श्रमिकों को नियुक्त कर लेते हैं. कुछ मामलों में अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर H-1B वीजा धारकों को रखने की बात भी सामने आई है. 

विश्वविद्यालयों और संस्थानों पर असर

टेक्सास में सार्वजनिक विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और कुछ स्कूल जिले लंबे समय से H-1B वीजा पर निर्भर रहे हैं. इन संस्थानों के लिए प्रोफेसर, शोधकर्ता, डॉक्टर और शिक्षकों की भर्ती में यह वीजा अहम भूमिका निभाता रहा है. नई रोक से इन संस्थानों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां स्थानीय प्रतिभा सीमित है.

नई रिपोर्टिंग और निगरानी व्यवस्था

गवर्नर के आदेश के तहत सभी प्रभावित एजेंसियों और विश्वविद्यालयों को 27 मार्च 2026 तक टेक्सास वर्कफोर्स कमीशन को विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी. इसमें 2025 में दाखिल H-1B आवेदनों की संख्या, मौजूदा वीजा धारकों की जानकारी, उनकी राष्ट्रीयता, पद, वीजा अवधि और टेक्सास के योग्य उम्मीदवारों की भर्ती के प्रयासों का विवरण शामिल होगा.

राष्ट्रीय स्तर पर सख्ती का संकेत

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में आव्रजन नियम और कड़े किए गए हैं. पिछले साल नए H-1B आवेदकों पर एक बार का 1 लाख डॉलर शुल्क लगाया गया था. आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में H-1B वीजा का बड़ा हिस्सा भारतीय नागरिकों को मिला, लेकिन 2025 में आईटी कंपनियों की मंजूरी में तेज गिरावट दर्ज की गई, जो नीति में बड़े बदलाव का संकेत देती है.