menu-icon
India Daily

Pakistan Blast: पाकिस्तान में फिर दहशत का साया, रमजान में हुए धमाके ने ली 12 की जान

पाकिस्तान में रमजान के दौरान हुए भीषण बम धमाके में 7 बच्चों समेत 12 लोगों की मौत हो गई है. इस घटना से पूरे देश में दहशत और चिंता का माहौल है.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Pakistan Blast: पाकिस्तान में फिर दहशत का साया, रमजान में हुए धमाके ने ली 12 की जान
Courtesy: Social Media

Pakistan Blast: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रमजान के पाक महीने के दौरान हुए भीषण बम धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस हमले में 7 बच्चों समेत 12 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए. इस हमले के पीछे आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ बताया जा रहा है.

कैसे हुआ धमाका?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को बन्नू छावनी के प्रवेश द्वार पर दो आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से भरे वाहनों को टक्कर मार दी. इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास की इमारतें और एक मस्जिद की छत ढह गई. इस दौरान स्थानीय लोग रमजान का रोजा इफ्तार करने की तैयारी में थे, और बाजार में भीड़ लगी हुई थी.

सुरक्षाबलों ने 6 आतंकियों को किया ढेर

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके के बाद आतंकियों ने सुरक्षा प्रतिष्ठान में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुठभेड़ में 6 आतंकियों को मार गिराया. इस कार्रवाई के लिए पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने सुरक्षाबलों की सराहना की.

घायलों का इलाज जारी, आपातकाल घोषित

बम धमाके के बाद जिला मुख्यालय अस्पताल के प्रवक्ता नोमान खत्ताब ने बताया कि 12 नागरिकों के शव और 30 घायलों को अस्पताल लाया गया. सभी जिला अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, और ड्यूटी पर मौजूद न होने वाले कर्मचारियों को भी तत्काल सेवा में बुला लिया गया है.

हमले की जिम्मेदारी किसने ली?

इस हमले की जिम्मेदारी अफगानिस्तान स्थित TTP के प्रतिबंधित हाफिज गुल बहादुर (HGB) समूह ने ली है. हालांकि, पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकवाद की भयावह स्थिति को उजागर कर दिया है. रमजान के दौरान हुए इस नृशंस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है और सुरक्षा एजेंसियों की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.