इंटरनेट बंद... एक्शन कमेटी पर भी बैन, PoK में बढ़ा तनाव; बौखलाए पाकिस्तान ने हड़ताल से पहले ही सड़कों पर उतारा फौज

PoK में 9 जून को प्रस्तावित हड़ताल से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. कई क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध की खबरें हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: PoK में 9 जून की हड़ताल की घोषणा से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. इस स्थिति के कारण पूरे इलाके में सेना और रेंजर्स के जवानों को तैनात किया गया है और साथ ही एक हफ्ते के लिए इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं. जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी JAAC पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही है.

खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने देर रात रावलकोट में एक बड़ा ऑपरेशन चलाया. इस कार्रवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य शाहजैब हबीब की मौत हो गई, जबकि एक अन्य प्रमुख सदस्य उमर नजीर घायल हो गए. 

सूत्रों के अनुसार रावलकोट जिले में हुए ऑपरेशन में सात अन्य लोग भी घायल हुए. इसके अलावा PoK के अन्य हिस्सों से भी गिरफ्तारियों और लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं.

पाकिस्तान हड़ताल से क्यों घबराया हुआ है?

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने 9 जून को हड़ताल का आह्वान किया है. सूत्रों का कहना है कि इस घोषणा के बाद पाकिस्तानी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हाई-अलर्ट की स्थिति बन गई है. किसी भी बड़े विरोध प्रदर्शन को रोकने के मकसद से मुजफ्फराबाद, मीरपुर, कोटली और अन्य ज़िलों में पाकिस्तान सेना और रेंजर्स की बड़ी टुकड़ियां तैनात की गई हैं. 

सूत्रों का दावा है कि 9 जून के विरोध प्रदर्शन की घोषणा ने पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान में चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते ये एहतियाती तैनाती, गिरफ्तारियां और संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. 

कैसी है वहां की स्थिति?

जारी ऑपरेशन के बीच कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं. इस बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर प्रशासन ने पर्यटकों और बाहरी लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. सूत्रों के अनुसार लोगों को तुरंत इलाका छोड़ने का निर्देश दिया गया है. 5 जून से 20 जून तक टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियां भी रोक दी गई हैं.

PoK प्रशासन ने 'जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी' को एक गैर-कानूनी संगठन घोषित कर दिया है. इस फैसले से इलाके में तनाव और बढ़ गया है. खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां ​​लोगों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए 9 जून से पहले कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाने की तैयारी कर रही हैं. 

स्थानीय समूहों का आरोप है कि पाकिस्तान समर्थित प्रशासन लोगों के गुस्से को दबाने के लिए ताकत का इस्तेमाल कर रहा है. लगातार हो रही गिरफ्तारियां, इंटरनेट बंद और सुरक्षा अभियानों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तनाव को और बढ़ा दिया है.