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Syria Civil War: असद की जेल में नरक से भी बदतर ज़िंदगी जी रहे थे क़ैदी, वीडियो में देखें ख़ौफ़नाक मंजर

सीरिया में विद्रोहियों ने सरकार को सत्ता से उठाकर फेंक दिया. जिसके बाद अल-असद सरकार की पोल दुनिया के सामने खुल चुकी है. सोशल मीडिया पर सीरिया के जेल का वीडियो तेजी सेे वायरल हो रहा है. जिसमें कैदियों की हालत को महसूस कर के लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
Syria Civil War: असद की जेल में नरक से भी बदतर ज़िंदगी जी रहे थे क़ैदी, वीडियो में देखें ख़ौफ़नाक मंजर
Courtesy: Social Media

Syria Civil War: साीरिया में दशकों तक राज करने वाला अल-असद परिवार अब देश छोड़कर भाग चूका हैं. सीरिया में विद्रोहियों ने 10 दिनों के भीतर तख्तापलट कर दिया. अलेप्पों और हमा के बाद विद्रोहियों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क को कब्जे में ले लिया. देश के बदलते माहौल में वहां के प्रधानमंत्री ने भी घोषणा कर दी की वो नागरिकों द्वारा सर्वसम्मति से चुने गए सर्वोच्च को सारी जिम्मेदारी देने को तैयार हैं.

सत्ता से हटने के बाद अल-असद सरकार की अब सच्चाई दुनिया के सामने आनी शुरू हो गई है. सीरिया के जेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसे देखकर यह समझा जा सकता है कि वहां रहने वाले कैदियों की हाल कैसी होगी. 

कत्लखाने के नाम से जाना जाता है जेल

सीरिया के जेल को लेकर 2021 में एक रिपोर्ट भी सामने आई थी, जिसमें बताया गया था कि अल-असद शासन में करीब 1 लाख से ज्यादा लोगों की जेल में ही मौत हो गई थी. जिसमें अकेले सेदनाया जेल में 30 हजार लोगों की मौत हो गई थी. सेदनाया जेल को असद के कत्लखाने के नाम से भी जाना जाता है. इस जेल में वो लोग बंद थे जिन्हें 2011 के विद्रोह के दौरान गिरफ्तार किया गया था. उन सभी विद्रोहियों को गिरफ्तार कर के एक जेल के अंदर ठूस दिया गया. जिसके बाद उन कैदियों की जिंदगी बद से बदतर हो चुकी थी. 

तहखाने में ले जाकर फांसी

अल-असद सरकार के खिलाफ विद्रहियों ने 2011 में विद्रोह किया था. उन सभी को चुप कराने के लिए बशर अल असद ने गिरफ्तार कर लिया. विरोध प्रदर्शन में शामिल कई सैनिकों को भी कैद कर लिया गया. इस दौरान कई रिपोर्टें सामने आई. जिसमें बताया गया कि सीरिया के जेल में कैदियों को मौत से भी बदतर सजा दी जाती थी. यहां सजा के ऐलान से पहले ही कैदी अपना दम तोड़ देते थे. सिवीलियन जेल पहुंचाने के नाम पर कैदियों को अंडरग्राउंड में ले जाकर पिटाई की जाती थी. इतना ही नहीं कैदियों को कहीं भी ले जाने से पहले उनके आंखों पर पट्टी बांध दी जाती थी, जिससे की वो किसी भी रास्ते देख ना पाएं. जेल में बंद कैदियों को तहखाने में ले जाकर फांसी दी जाती थी.

2015 के बाद गुप्त तरीके से फांसी

एमनेस्टी द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2011 से लेकर दिसंबर 2015 तक लगभग 13 हजार लोगों को फांसी की सजा दी गई थी. हालांकि इसके बाद का डेटा निकल कर सामने नहीं आया है. एमनेस्टी द्वारा कहा गया था कि 2015 के बाद सीरिया में गुप्त तरीके से लोगों को फांसी की सजा दी जाने लगी. जिसेस की दुनिया की नजरों में यह डेटा ना आ पाए. मौत की सजा रिया के मुफ्ती, रक्षा मंत्री या फिर सेना के कमांडर के इशारे पर दी जाती थी. ये सभी अधिकारियों को सीधा कनेक्शन बशर अल-असद से माना जाता है.