2027 में टूट सकते हैं गर्मी के सारे रिकॉर्ड, 1950 के बाद के सबसे भीषण अल-नीनो को लेकर WMO ने जारी की चेतावनी

WMO की चेतावनी के अनुसार प्रशांत महासागर में बढ़ता तापमान अल-नीनो को 1950 के बाद सबसे ताकतवर बना रहा है. इसका असर भारत सहित पूरी दुनिया में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के रूप में दिख सकता है.

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Sagar Bhardwaj

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, प्रशांत महासागर के तेजी से गर्म होने के कारण अल-नीनो बेहद शक्तिशाली रूप ले रहा है. यह स्थिति अगले सात महीनों तक यानी फरवरी तक बनी रह सकती है. यदि यह पैटर्न जारी रहा, तो यह 1950 के बाद का सबसे भीषण अल-नीनो साबित होगा.

प्रशांत महासागर का बढ़ता तापमान

समुद्र की सतह से लेकर गहराई तक तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अगस्त में नीनो-3.4 क्षेत्र का तापमान सामान्य से 2.2 से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक पहुंच गया, जबकि गहराई में यह 8 डिग्री तक गर्म पाया गया. यही अतिरिक्त गर्मी अल-नीनो को अधिक आक्रामक बना रही है.

भारत में मौसम पर सीधा प्रभाव

प्रशांत महासागर की यह गर्मी मानसूनी हवाओं की दिशा बदल देती है. अगस्त में भारत में 16 प्रतिशत कम बारिश हुई, जो 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त दर्ज हुआ. सितंबर में भी कम बारिश और असमान वितरण से कहीं सूखा तो कहीं अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है.


सर्दियों पर पड़ेगा असर

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इसका असर सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं रहेगा. अल-नीनो के असर से इस बार सर्दियों में भी तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. उत्तर भारत में ठंड का मौसम छोटा होने और फरवरी-मार्च से ही प्रचंड गर्मी शुरू होने की आशंका है.

2027 बन सकता है सबसे गर्म साल

साल 2023-24 के अल-नीनो ने 2024 को अब तक का सबसे गर्म वर्ष बनाया था. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार के प्रभाव से 2027 दुनिया के इतिहास का सबसे गर्म साल बन सकता है.