FIFA World Cup 2026

'होर्मुज परमाणु बमों से भी ज्यादा अहम', अमेरिका से तनाव के बीच ईरान का बड़ा संदेश

ईरान के एक वरिष्ठ सलाहकार ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को देश की सबसे अहम रणनीतिक ताकत बताया है. अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस जलमार्ग को लेकर नए बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

Social Media
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चर्चा के केंद्र में आ गया है. ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के पूर्व कमांडर मोहसेन रेजाई ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया है. उनके अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक है और ईरान इसकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा.

ईरानी मीडिया के अनुसार, मोहसेन रेजाई ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि ईरान की प्रतिरोध और सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनका कहना है कि यह मार्ग देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाता है. हाल के महीनों में ईरान लगातार इस जलमार्ग को अपनी रणनीतिक बढ़त के रूप में पेश करता रहा है.

दुनिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह जलमार्ग?

होर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. यही वजह है कि यहां किसी भी तरह की सैन्य या राजनीतिक अस्थिरता का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ता है. तेल आपूर्ति में रुकावट की आशंका से कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है.


अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव फिर बढ़ा है. जून में दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए हुए एक समझौते के बाद हालात कुछ समय शांत रहे, लेकिन बाद में विवाद फिर उभर आया. ईरान ने जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार और नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जबकि अमेरिका समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखने की बात कह रहा है.

कतर ने भी जताई चिंता

क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर ने ईरान के हालिया मिसाइल हमलों की आलोचना की है. कतर के विदेश मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया. साथ ही जहाज संचालकों से फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है. रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइलों के अवशेष गिरने से कुछ लोग घायल भी हुए हैं.

ऊर्जा बाजार की नजरें होर्मुज पर

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है. इसका असर दुनिया भर के तेल बाजार, समुद्री व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग और अमेरिका-ईरान संबंधों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.