SpaceX का रॉकेट चांद से टकराया? पुष्टि का इंतजार, वैज्ञानिकों में हड़कंप!
टकराव के समय इसकी रफ्तार करीब 8700 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी. इससे निकलने वाली ऊर्जा लगभग तीन टन टीएनटी के बराबर बताई जा रही है. कई एजेंसियां इस घटना पर नजर रखे हुए हैं. चंद्रमा के ऊपर घूम रहे ऑर्बिटरों को आने वाले दिनों में नया क्रेटर दिखाई दे सकता है.
अंतरिक्ष एजेंसियों के अनुसार स्पेसएक्स के फालकन-9 रॉकेट का ऊपरी स्टेज चंद्रमा पर गिरने की प्रबल संभावना है. यह घटना आज दोपहर लगभग 12:05 बजे भारतीय समय के आसपास हुई मानी जा रही है. टकराव का स्थान आइंस्टीन क्रेटर के पास बताया जा रहा है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि में अभी कुछ घंटे लग सकते हैं.
SpaceX का रॉकेट चांद से टकराया?
यह पूरा रॉकेट नहीं, बल्कि फालकन-9 का ऊपरी स्टेज था. यह लगभग 12 मीटर लंबा और करीब 4500 किलोग्राम वजन का है. 15 जनवरी 2025 को यह स्टेज फायरफ्लाई एयरोस्पेस के ब्लू घोस्ट-1 और जापानी कंपनी आईस्पेस के हाकुतो-आर मिशन-2 लैंडरों को चंद्रमा की ओर ले जाने के लिए लॉन्च किया गया था. ईंधन खत्म होने के बाद इसे अंतरिक्ष में छोड़ दिया गया था.
वैज्ञानिकों में हड़कंप
पिछले 19 महीनों से यह स्टेज पृथ्वी और चंद्रमा के बीच एक अस्थिर कक्षा में घूम रहा था. सूर्य की गतिविधि, पृथ्वी-चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण और सौर विकिरण के हल्के धक्के से धीरे-धीरे इसका रास्ता बदलता गया. आखिरकार ये छोटे-छोटे बदलाव इतने बढ़ गए कि यह सीधे चंद्रमा से टकराने की राह पर आ गया. स्पेसएक्स ने बताया कि स्टेज को सुरक्षित बना दिया गया था यानी ईंधन निकाल लिया गया था, लेकिन इतनी ऊंची ऊर्जा वाली कक्षा में नियंत्रित तरीके से इसे नष्ट करना संभव नहीं था.
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टकराव के समय इसकी रफ्तार करीब 8700 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी. इससे निकलने वाली ऊर्जा लगभग तीन टन टीएनटी के बराबर बताई जा रही है. कई एजेंसियां इस घटना पर नजर रखे हुए हैं. चंद्रमा के ऊपर घूम रहे ऑर्बिटरों को आने वाले दिनों में नया क्रेटर दिखाई दे सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष में छोड़े गए ऐसे अवशेषों की ट्रैकिंग अब बेहतर हो गई है. इस घटना से चंद्रमा पर मानव मिशनों की सुरक्षा और अंतरिक्ष कचरे के प्रबंधन पर फिर से चर्चा शुरू होने की उम्मीद है. पुष्टि मिलते ही और जानकारी साझा की जाएगी.