हजारों किलो सामान लेकर अंतरिक्ष पहुंचा SpaceX Dragon, जानें क्या-क्या हुआ सप्लाई
17 मई को एक स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंच गया है. यह यान अंतरिक्ष में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए जरूरी साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाला सामान लेकर गया था.
नई दिल्ली: रविवार, 17 मई को एक स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंच गया है. यह यान अंतरिक्ष में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स के लिए जरूरी साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाला सामान लेकर गया था. इस यान में भेजा गया सामान कई टन क्षमता का था. बता दें कि ड्रैगन कैप्सूल दो दिन पहले लॉन्च हुआ था. यह करीब 48 घंटों में अंतरिक्ष स्टेशन पहुंच गया.
यह स्टेशन पृथ्वी की परिक्रमा बहुत तेज स्पीड से कर रहा है. यह सुबह 6.37 बजे पहुंचा और हार्मनी मॉड्यूल के सामने वाले पोर्ट से अपने आप आसानी से जुड़ गया. सबसे अहम बात थी कि किसी भी एस्ट्रोनॉट को इसे हाथ से कंट्रोल करने की जरूरत भी नहीं पड़ी थी.
ड्रैगन का कॉन्टैक्ट और सॉफ्ट कैप्चर पूरा:
NASA के एस्ट्रोनॉट जैक हैथवे ने मिशन कंट्रोल को बताया कि ड्रैगन का कॉन्टैक्ट और सॉफ्ट कैप्चर पूरा हो गया है. हैथवे और यूरोपीय एस्ट्रोनॉट सोफी एडेनॉट ने स्टेशन के क्यूपोला से डॉकिंग का पूरा प्रोसेस देखा. बता दें कि यह नासा के लिए स्पेसएक्स का 34वां सप्लाई मिशन था. ड्रैगन करीब 2950 किलो सामान लेकर गया था.
ऐसे में अब, Expedition 74 के सदस्य अगले कुछ हफ्ते सावधानी से हर चीज को खोलने और सही से रखने में बिताएंगे. इसके बाद अंतरिक्ष यान में इस्तेमाल की हुई चीजें, कचरा, पुराने डिवाइसेज और पूरे हो चुके वैज्ञानिक सैंपल्स पैक करेंगे, जिससे उन्हें जून में पृथ्वी पर वापस भेजा जा सके.
कई दिलचस्प साइंटिफिक प्रोजेक्ट शामिल:
जो नया सामना ड्रैगन लेकर गया है, उसमें कई दिलचस्प साइंटिफिक प्रोजेक्ट शामिल हैं. एक एक्सपेरिमेंट में यह चेक किया जाएगा कि पृथ्वी पर बनी मशीनें जीरो माइक्रोग्रैविटी एहसास को कितनी अच्छी तरह दोहरा सकती हैं. इसके अलावा एक और कमाल की चीज है, जिसमें एक लकड़ी से बना खास बोन स्कैफोल्ड है. साइटिस्ट ने यह उम्मीद की है कि इससे कमजरो हड्डियों जैसे कि ऑस्टियोपोरोसिस, के लिए नए इलाज मिल सकते हैं.
इनके अलावा, ड्रैगन पृथ्वी के चारों ओर मौजूद चार्ज्ड पार्टिकल्स पर रिचर्स करने के लिए एक नया डिवाइस लेकर आया है. ये पार्टिकल्स कभी-कभी पावर ग्रिड में रुकावट डाल सकते हैं और सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा एक रिसर्च यह भी की जाएगी जिससे यह समझा जा सके कि ग्रहों का निर्माण कैसे होता है.