यून की सिक्योरिटी से डरी दक्षिण कोरिया की पुलिस, महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति को अकेले गिरफ्तार करने से किया इनकार
राष्ट्रपति यून के खिलाफ विद्रोह के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जो सोमवार की आधी रात को समाप्त होने वाला था. हालांकि, यून के सुरक्षा प्रमुख पार्क चोंग-जुन ने इस गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ सहयोग करने से इंकार कर दिया.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल, जिनके खिलाफ महाभियोग का मामला चल रहा है, को गिरफ्तार करने की कोशिश को लेकर एक नई राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है. हाल ही में, राष्ट्रपति की सुरक्षा टीम ने गिरफ्तार करने का प्रयास करने वालों का विरोध करते हुए इसकी जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया, जिससे यह मामला एक और राजनीतिक संकट में बदल गया है.
राष्ट्रपति यून के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
राष्ट्रपति यून के खिलाफ विद्रोह के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जो सोमवार की आधी रात को समाप्त होने वाला था. हालांकि, यून के सुरक्षा प्रमुख पार्क चोंग-जुन ने इस गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ सहयोग करने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि राष्ट्रपति की सुरक्षा सेवा को इस गिरफ्तारी प्रयास में शामिल करना संविधान और कानून के खिलाफ है, और इसे एक निजी सेना के रूप में प्रस्तुत करना एक अपमानजनक टिप्पणी है.
पार्क चोंग-जुन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा ने पिछले 60 वर्षों में किसी भी राजनीतिक संबद्धता के बावजूद सभी राष्ट्रपतियों को सुरक्षा प्रदान की है, और यह एक कानूनन निर्वाचित राष्ट्रपति की रक्षा करना उनका कर्तव्य है.
कानूनी बहस और राष्ट्रपति के वकील
राष्ट्रपति यून के वकील सियोक डोंग-हेयोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर इस कानूनी बहस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस समय मौजूदा राष्ट्रपति के खिलाफ कानूनी एजेंसियों की वैधता पर सवाल उठाना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर राष्ट्रपति के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई में कोई त्रुटि होती है, तो यह दक्षिण कोरियाई लोकतंत्र के लिए एक गंभीर समस्या पैदा कर सकती है.
इस बीच, यून की कानूनी टीम सियोल की अदालत के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है, जिसमें अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट को वैध बताया था. राष्ट्रपति यून और उनके वकील इस फैसले को असंवैधानिक मानते हैं और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विचार कर रहे हैं.
राष्ट्रपति यून का महाभियोग और निलंबन
दक्षिण कोरिया के इतिहास में राष्ट्रपति यून पहले ऐसे नेता हैं, जिनके खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव पारित हुआ है. इस प्रस्ताव के बाद उन्हें सरकारी दायित्वों से निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, अब यह संवैधानिक अदालत पर निर्भर करेगा कि वह इस महाभियोग को रद्द करती है या राष्ट्रपति को हटाने का फैसला करती है.
राष्ट्रपति यून पर यह आरोप है कि उन्होंने 3 दिसंबर को एक असफल मार्शल लॉ लागू करने का प्रयास किया, जिसके कारण उनका महाभियोग हुआ. इसके अलावा, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच चल रही है.
सियोल में प्रदर्शन और राजनीतिक माहौल
शनिवार रात सियोल में भारी बर्फबारी के बावजूद हजारों लोग राष्ट्रपति यून की गिरफ्तारी की मांग के समर्थन में सड़कों पर उतरे. हालांकि, विरोध प्रदर्शन भी हुए, जहां कुछ लोग इस गिरफ्तारी के खिलाफ थे और उन्होंने इसे एक राजनीतिक साजिश बताया. यह प्रदर्शन सियोल के डाउनटाउन में आयोजित हुआ, जहां तापमान शून्य से भी नीचे गिर गया था. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को लेकर अपना असंतोष व्यक्त किया, जबकि दूसरी ओर, कुछ लोग इसे दक्षिण कोरिया के राजनीतिक संकट का एक हिस्सा मानते हुए शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे.