नई दिल्ली: बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या मामले में पिछले कुछ दिनों से देश में तनाव का माहौल बना हुआ है. बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की जा रही है. इसी बीच पुलिस ने इस हत्या को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की युवा शाखा द्वारा किए गए राजनीतिक बदले का नतीजा बताया है.
पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में करीम मसूद समेत 17 लोगों के नाम शामिल है. हादी की मौत के बाद देश में भारी प्रदर्शन देखने को मिले. भीड़ ने कुछ मीडिया संस्थानों के कार्यालयों में आग लगा दी. इसके अलावा देश में लगातार हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार शुरू हो गए.
बांग्लादेश में हुए हंगामे के बाद हिंदू युवक दीपू चंद्र दास के लिचिंग का मामला सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा. इसके बाद एक पर एक कई मामले सामने आए. यहां तक की हिंदू महिला के साथ खुलेआम बदतमीजी की गई. लेकिन किसी भी बांग्लादेशी ने उसके पक्ष में आवाज नहीं उठाए. पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के मुताबिक हत्या का मास्टरमाइंड ताइजुल इस्लाम चौधरी बप्पी है, जो जुबो लीग की ढाका (उत्तर) शहर इकाई का आयोजन सचिव है और उस पर हत्या की योजना बनाने और आदेश देने का संदेह है. गौरतलब है कि जुबो लीग अब प्रतिबंधित अवामी लीग की युवा शाखा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक हादी के शूटर के रूप में फैसल करीम नाम के व्यक्ति की पहचान की गई है. जो की पहले छात्रा लीग का सदस्य था और छात्र लीग हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की छात्र शाखा है.
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने कहा कि हादी ने सार्वजनिक रैलियों और सोशल मीडिया के माध्यम से अब प्रतिबंधित अवामी लीग और छात्र लीग की पिछली गतिविधियों की खुले तौर पर आलोचना की थी. उन्होंने आगे कहा कि उनकी बेबाक टिप्पणियों से छात्र लीग और उसके संबद्ध संगठनों के नेता और कार्यकर्ता नाराज हो गए थे. पुलिस ने कहा कि गोलीबारी के मास्टरमाइंड बप्पी ने शूटर को भारत भागने में मदद की और फिर खुद भी भारत भाग गया, इस आरोप से यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) पहले ही इनकार कर चुका है. हालांकि हादी की पार्टी ने चार्जशीट के दावों को खारिज कर कहा कि यह एक बड़ी साजिश थी. इसमें केवल एक नहीं बल्कि कई नाम शामिल हैं.