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India Daily

ईरान में निर्वासित राजकुमार पहलवी ने किया कार्रवाई का आह्वान, खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में 36 लोगों की मौत; हजार से ज्यादा गिरफ्तार

ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में 36 लोगों की मौत हो चुकी है और हजार से ज्यादा गिरफ्तार हुए हैं. निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने जनता से कार्रवाई का आह्वान किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ईरान में निर्वासित राजकुमार पहलवी ने किया कार्रवाई का आह्वान, खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में 36 लोगों की मौत; हजार से ज्यादा गिरफ्तार
Courtesy: @AmiSri and @deenie7940 x account

नई दिल्ली: ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है. आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए इन विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 36 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा बलों ने तेहरान और पश्चिमी प्रांतों में प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है.

इन हालात के बीच ईरान के निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने पहली बार जनता से खुला आह्वान किया है. उन्होंने लोगों से 8 और 9 जनवरी को रात 8 बजे अपने घरों या सड़कों पर एक साथ नारे लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनता की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की रणनीति घोषित की जाएगी.

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में क्या आया सामने?

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहलवी की वापसी और सैयद अली को हटाने जैसे नारे भी लगाए. वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया भी इन प्रदर्शनों को दबाने में मदद कर रही है. कहा जा रहा है कि सैकड़ों इराकी लड़ाकों को अलग अलग रास्तों से ईरान में तैनात किया गया है. इनमें से ज्यादातर लोग कताइब हिज़्बुल्लाह, हरकत अल-नुजाबा, सय्यद अल-शुहादा ब्रिगेड और बदर संगठन के हैं.

मंगलवार को तेहरान के ऐतिहासिक बाजार में प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. यह प्रदर्शन ईरान में बीते तीन वर्षों में सबसे बड़े जन आंदोलनों में से एक माना जा रहा है. एक एनजीओ के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कई लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग हिरासत में लिए गए हैं.

इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह क्या है?

इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह बढ़ती महंगाई और आर्थिक बदहाली बताई जा रही है. ईरानी मुद्रा रियाल लगातार गिरती जा रही है और मंगलवार को यह विदेशी मुद्राओं के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. काले बाजार में एक डॉलर की कीमत लगभग 14.7 लाख रियाल तक पहुंच गई है.

पश्चिमी ईरान के अबदानान शहर में भी हजारों लोग सड़कों पर उतरे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारी जाविद शाह के नारे लगाते दिखे. यह नारे 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले के राजशाही शासन की याद दिलाते हैं.

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने क्या कहा?

सरकार की ओर से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने आर्थिक सुधार और लोगों की क्रय शक्ति बचाने का वादा किया है. सरकार ने सब्सिडी सुधार और नकद हस्तांतरण की घोषणा की है. हालांकि न्यायपालिका ने चेतावनी दी है कि दंगाइयों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.