डोनाल्ड ट्रंप को शहबाज शरीफ ने किया 'सैल्यूट'? अमेरिकी राष्ट्रपति के एक इशारे पर हो गए 'स्टैंडअप'; वायरल हुआ वीडियो

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक बार से अपने बॉडी लैंग्वेज को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए हैं. उनका एक क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

X (@MerruX)
Shanu Sharma

वाशिंगटन में गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अलावा दुनिया भर के कई नेता भी पहुंचे. गाजा के लिए इस बैठक के दौरान कई ऐलान किए गए. हालांकि इस कार्यक्रम का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

इस वायरल वीडियो में शहबाज शरीफ राष्ट्रपति ट्रंप को असाधारण सम्मान देते नजर आ रहे हैं. वहीं ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को इशारे से खड़े होने कहते हैं. अब इस वीडियो पर लोगों के बीच बहस तेज हो गई है. कुछ लोगों का कहना है कि पाक प्रधानमंत्री का इतना ज्यादा सम्मान और ट्रंप का व्यवहार पाकिस्तान के हालत को दर्शाता है. 

क्यों ट्रोल हुए शहबाज शरीफ?

पाकिस्तान ने डायरेक्ट तो नहीं लेकिन कई बार अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका को अपना मालिक बताया है. ऐसी ही एक घटना फिर वाशिंगटन में घटी, इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ट्रंप कार्यक्रम में मंच से अपना भाषण दे रहे थे, इसी दौरान उन्होंने बीच शहबाज शरीफ की ओर इशारा करते हुए कहा कि 'कृपया खड़े हो जाइए'.

ऐसा सुनते ही पाक प्रधानमंत्री झट से अपनी सीट से खड़े हो गए. वहीं एक और नजारा भी  तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसे देख ऐसा लग रहा है कि शहबाज ट्रंप की ओर झुककर गले लगाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं एक बार उन्होंने हाथ से कुछ ऐसा इशारा भी किया, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है कि वे उन्हें सैल्यूट कर रहे हैं. कुछ लोगों ने उनके इस बॉडी लैंग्वेज को 'चाटुकारिता' बताया है.

ट्रंप के दावे को फिर से किया स्वीकार

शहबाज शरीफ ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की थी. इस दौरान उन्होंने ट्रंप के उन दावों को मान लिया कि भारत-पाकिस्तान के संघर्ष को रुकवाने में ट्रंप का योगदान रहा. हालांकि भारत की ओर से हर बार ट्रंप के इस दावे को खारिज किया गया है. शहबाज शरीफ इससे पहले भी कई बार डोनाल्ड ट्रंप के प्रति  अपने व्यवहार को लेकर ट्रोल हो चुके हैं. लोगों का कहना है कि एक देश के प्रधानमंत्री को अपने सम्मान की रक्षा करनी चाहिए ना की दूसरे देश के सामने अपने वैल्यू को खो देना चाहिए.