विटकॉफ की ईरान से गुप्त बातचीत, जेडी वेंस कमान संभालने को तैयार; आज होगी सीजफायर की घोषणा?
ईरान-अमेरिका के बीच गुप्त बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर संपर्क में हैं जबकि जेडी वेंस सीधी मुलाकात के लिए स्टैंडबाय पर हैं. पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है.
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे चल रही वार्ताएं अब अंतिम चरण में आ गई हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए हैं जबकि जेरेड कुशनर भी इसमें शामिल हैं. अगर ये बैकचैनल बातचीत आगे बढ़कर सीधी मुलाकात तक पहुंचती है तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी पक्ष के साथ मेज पर बैठ सकते हैं.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मध्यस्थता कर रहे हैं और उन्होंने वेंस तथा ईरानी पक्ष के साथ हाल ही में चर्चा की. अमेरिका इस प्रक्रिया को पूरी गोपनीयता में आगे बढ़ा रहा है. ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए मंगलवार शाम 8 बजे तक की डेडलाइन तय की है. अगर ईरान मान जाता है तो सीजफायर हो सकता है वरना ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स पर हमले बढ़ सकते हैं.
जेडी वेंस तैयार बैठे हैं सीधी वार्ता के लिए
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ संवेदनशील बातचीत में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. सूत्रों के मुताबिक अगर मध्यस्थों के जरिए चल रहे संपर्क सीधे मुलाकात के स्तर तक पहुंचते हैं तो वेंस ईरानी प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे. ईरान विटकॉफ और कुशनर के साथ बात करने से कतराता दिख रहा है और वेंस को ज्यादा पसंद कर रहा है.
पाकिस्तान के माध्यम से रातभर हुई चर्चाओं में वेंस ने सक्रिय भूमिका निभाई. ट्रंप ने स्वीकार किया कि वेंस, विटकॉफ और कुशनर सभी इस प्रक्रिया में लगे हुए हैं. ईरान ने वेंस को वार्ता का बेहतर विकल्प बताया क्योंकि उन्हें अन्य दूतों पर कम भरोसा है. अगर आज कोई सकारात्मक बातचीत होती है तो सीजफायर का ऐलान किया जा सकता है.
ट्रंप की डेडलाइन और होर्मुज पर दबाव
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को मंगलवार शाम 8 बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं मानता तो पुलों, पावर प्लांट्स और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर भारी हमले किए जाएंगे. ट्रंप ने पाकिस्तान के दो चरण वाले प्रस्ताव को सकारात्मक बताया जिसमें तत्काल सीजफायर और बाद में व्यापक समझौता शामिल है.
उन्होंने कहा कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान को एक रात में तबाह किया जा सकता है. ट्रंप ने पहले भी कई बार डेडलाइन दी थी और जब मांगें नहीं मानी गईं तो सैन्य कार्रवाई की. ईरान स्थायी सीजफायर चाहता है जबकि अमेरिका होर्मुज तुरंत खोलने पर अड़ा हुआ है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता और बैकचैनल संपर्क
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने जेडी वेंस और ईरानी पक्ष के बीच मध्यस्थता की है. उन्होंने हाल ही में वेंस के साथ ईरान संघर्ष पर चर्चा की. विटकॉफ ईरानी विदेश मंत्री से सीधे संपर्क में हैं लेकिन ईरान वेंस को प्रमुख वार्ताकार के रूप में देख रहा है.
28 फरवरी को शुरू हुए सैन्य अभियान में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे. ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. अब स्थिति ऐसी है कि अगर आज या कल कोई समझौता नहीं हुआ तो युद्ध और बढ़ सकता है. ईरान ने विटकॉफ और कुशनर के साथ आगे बात करने से इनकार कर दिया है.
समझौता न होने पर आगे क्या होगा
अगर मंगलवार शाम तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले तेज कर सकता है. ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान नहीं झुका तो पूरा देश प्रभावित होगा. ईरान ने कुछ अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव ठुकरा दिए हैं और स्थायी समाधान की मांग की है.
दोनों पक्षों के बीच अभी दूरी बनी हुई है. वैश्विक तेल बाजार इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि होर्मुज बंद रहने से तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है. कुछ सूत्र उम्मीद जता रहे हैं कि अंतिम घड़ी में कोई रास्ता निकल सकता है. ट्रंप की टीम वेंस, विटकॉफ और कुशनर के साथ लगातार प्रयास कर रही है.
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