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'सना का बदला...' आग का गोला बनी दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी अरामको, हूती हमलों से थर्राया सऊदी

सऊदी अरब के धहरान शहर में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की खबर सामने आई है.

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Edited By: Reepu Kumari
'सना का बदला...' आग का गोला बनी दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी अरामको, हूती हमलों से थर्राया सऊदी
Courtesy: GROK

Saudi Aramco Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के एक अहम ऊर्जा ठिकाने पर मिसाइल हमले की खबर ने चिंता बढ़ा दी है. मंगलवार देर रात धहरान शहर में सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई. हमले के बाद इमारत में आग लग गई. सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. हालांकि, तेल कंपनी के परिसर को हुए नुकसान ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

अरामको की इमारत में आग, तीन मंजिलों को नुकसान

धहरान स्थित अरामको का प्रशासनिक परिसर कंपनी के प्रमुख संचालन केंद्रों में शामिल है. रिपोर्ट के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद कार्यालय की इमारत में आग लगी और उसकी ऊपरी तीन मंजिलें क्षतिग्रस्त हुईं. राहत की बात यह रही कि अधिकारियों ने किसी की मौत की सूचना नहीं दी. अरामको सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है. कंपनी का नेटवर्क तेल के कुओं, पाइपलाइनों, रिफाइनरियों और निर्यात टर्मिनलों तक फैला हुआ है. इसलिए इस परिसर पर हमले को अहम घटनाक्रम माना जा रहा है.

रियाद समेत कई इलाकों में मिसाइल और ड्रोन रोके गए

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि धहरान के ऊपर रोकी गई एक मिसाइल का मलबा आवासीय इलाके में गिरा. हालांकि, इससे हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया. अधिकारियों ने राजधानी रियाद और देश के दक्षिणी हिस्सों में भी मिसाइलों तथा ड्रोन को रोकने और नष्ट करने की जानकारी दी. युवराज मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में भी हूतियों को हमलों के गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी.

पहले भी निशाने पर रहे सऊदी अरब के अहम ठिकाने

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से हूती विद्रोही सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं. इनमें रियाद का हवाई अड्डा भी शामिल है. शनिवार को हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत की जानकारी दी गई थी. रिपोर्ट में इसे पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक बताया गया है. लगातार हमलों के कारण उड़ान सेवाएं भी प्रभावित हुईं. इसी बीच सऊदी अरब में एक बड़ा ऊर्जा सम्मेलन आयोजित हो रहा था.

सना का बदला?

हूतियों ने सऊदी अरब के धहरान में अरामको परिसर को निशाना बनाने की वजह यमन की राजधानी सना पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमलों को बताया था. हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने चेतावनी दी थी कि सना पर हमलों के जवाब में कड़ी और दर्दनाक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने धहरान स्थित अरामको मुख्यालय और रियाद की एक तेल रिफाइनरी को संभावित निशानों में शामिल किया था. हूतियों ने सऊदी अरब में तेल क्षेत्र के कर्मचारियों को भी संभावित ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी थी. यह चेतावनी सना के बाहरी इलाके में स्थित सबाह ईंधन डिपो को खाली कराने के सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के आदेश के बाद दी गई थी. 

अमेरिका के रुख के बीच ईरान ने की मध्यस्थता की पेशकश

सऊदी अरब अपने सैन्य अभियान को जारी रखने और मिसाइल-ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए सहयोगी देशों से अधिक समर्थन मांग रहा है. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ सीधे युद्ध में शामिल होने की सऊदी कोशिशों को अब तक स्वीकार नहीं किया है.