प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को Bloomberg New Economy Forum में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक, डेटा, ज्ञान और इनोवेशन बड़ी शक्तियां हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इन शक्तियों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इनका लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित रहने के बजाय लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करने में होना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को अब 'Power to Control' से आगे बढ़कर 'Power to Enable' की दिशा में सोचना होगा. उनका कहना था कि तकनीक और ज्ञान का इस्तेमाल लोगों को नियंत्रित करने या एक-दूसरे से मुकाबला करने के लिए नहीं, बल्कि सहयोग और सशक्तिकरण के लिए किया जाना चाहिए.
VIDEO | Delhi: Addressing the Bloomberg New Economy Forum, Prime Minister Narendra Modi says, "Today, technology is power, data is power, knowledge is power, and innovation is power. But, the real question is not who has the power, but how it is being used. Will technology advance only a few people or create new opportunities for millions? Will knowledge remain the strength of a select few or enhance everyone's capabilities? This is where a new idea is born: power to empower. Moving beyond power to control, we need power to enable. Moving beyond power to compete, we need power to collaborate. And moving beyond power to succeed, we need power to help others succeed." (Source: PM Modi's YT) (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 13, 2026
उन्होंने कहा कि सफलता का लक्ष्य केवल खुद आगे बढ़ना नहीं होना चाहिए, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करना होना चाहिए. पीएम मोदी ने इसी सोच को 'Power to Empower' का नाम दिया.
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक स्थिति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है.
पीएम मोदी ने भारत के ऊर्जा बदलाव का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि 2014 में देश की अक्षय ऊर्जा क्षमता करीब 75 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर करीब 300 गीगावाट हो गई है. यानी करीब 12 वर्षों में भारत ने अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता लगभग चार गुना बढ़ाई है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का यह ऊर्जा बदलाव केवल स्वच्छ ऊर्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश में नए आर्थिक अवसर भी पैदा हो रहे हैं. ग्रीन एनर्जी को उन्होंने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया.
पीएम मोदी ने भारत की भाषाई और डिजिटल विविधता का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और देश में 100 से अधिक भाषाएं हैं. उन्होंने करीब 80 हजार पंजीकृत समाचार पत्रों और प्रकाशनों तथा 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनलों का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में भारत में 50 करोड़ से अधिक YouTube यूजर्स और 50 करोड़ से ज्यादा Instagram यूजर्स हैं. उनके मुताबिक, देश में अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बहस होती है और लोग अलग-अलग विचारों पर चर्चा करते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि इसमें डिजिटल शक्ति की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास शक्ति जरूर होती है, लेकिन उसका उद्देश्य नागरिकों को व्यवस्था पर निर्भर बनाना नहीं होना चाहिए. सरकार का लक्ष्य लोगों की क्षमता को मजबूत करना और उन्हें सशक्त बनाना होना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. उन्होंने कहा कि यह संख्या दुनिया के कई देशों की आबादी से भी अधिक है.