रईसों वाली ठाठ के साथ करोड़ों की सैलरी, फिर भी नहीं मिल रहे हाउसकीपर, जानें कौन से हैं वो शहर!
City with Most Billionaires: आजकल हर कोई ऐसी नौकरी चाहता है जिसमें अच्छी सैलरी और ढेरों सुविधाएं हों. मगर क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हाउसकीपर यानी घर का काम करने वाले को भी करोड़ों रुपये की सैलरी मिलने लगे तो? जी हां, ये सच है!
City with Most Billionaires: सोचिएगा कि अगर आपको घर का काम करने के लिए ही करोड़ों रुपये मिल जाएं तो? जी हां, यह सच है! अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में स्थित वेस्ट पाम बीच और बोका रैटन नामक दो शहरों में हाउसकीपर्स यानी घर का काम करने वाले कर्मचारियों को करोड़ों में सैलरी मिल रही है.
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों शहरों में अमीरों की कोई कमी नहीं है और ये अमीर लोग अपने घरों में काम करने वाले लोगों को सालाना डेढ़ लाख डॉलर यानी करीब एक करोड़ 25 लाख रुपये तक की सैलरी दे रहे हैं. इतना ही नहीं, अगर कर्मचारी ओवरटाइम करता है तो उसे उसके लिए भी अलग से भुगतान किया जाता है. इन सुविधाओं के साथ-साथ उन्हें स्वास्थ्य बीमा जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं.
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी ऊंची सैलरी और सुविधाओं के बावजूद भी इन शहरों में रहने वाले अमीरों को हाउसकीपर्स नहीं मिल पा रहे हैं.
हाउसकीपर्स की बढ़ती मांग
स्टाफिंग एजेंसियों के अनुसार, इन शहरों में हाउसकीपर्स की मांग इतनी बढ़ गई है कि जहां साल 2020 में उनकी सैलरी 25 डॉलर प्रति घंटे थी, जो अब बढ़कर 45 डॉलर से 50 डॉलर प्रति घंटे तक पहुंच गई है.
पाम बीच, मियामी, न्यूयॉर्क और उसके आसपास के क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाली वेलिंगटन एजेंसी की संस्थापक, एप्रिल बेरुबे का कहना है कि, "पिछले 30 वर्षों में मैंने घरेलू कर्मचारियों की इतनी ज्यादा मांग कभी नहीं देखी, जितनी आज है. खासकर पाम बीच और मियामी में इसकी मांग बहुत ज्यादा है."
इन शहरों में रहते हैं सिर्फ करोड़पति
फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाम बीच दुनिया के सबसे अमीर शहरों में से एक है, जहां रहने वाला हर व्यक्ति करोड़ों-अरबों का मालिक है. यहां के घरों की औसत कीमत 12 करोड़ रुपये से भी अधिक है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी एक रिसॉर्ट यहां मौजूद है. इसके अलावा भी यहां कई जाने-माने लोग रहते हैं.
हाउसकीपर्स की जिम्मेदारियां
इन अमीरों के घरों में काम करने वाले हाउसकीपर्स की जिम्मेदारियां भी आम हाउसकीपर्स से कहीं ज्यादा होती हैं. उन्हें सिर्फ घर की सफाई, कपड़े धोने और खाना बनाने का काम ही नहीं करना होता, बल्कि उन्हें मेहमानों की सेवा करने, पालतू जानवरों की देखभाल करने और घर के रखरखाव में भी मदद करनी होती है.
तो इस वजह से नहीं मिल रहे हैं लोग
इन ऊंची सैलरी और सुविधाओं के बावजूद भी, इन शहरों में हाउसकीपर्स को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. काम का बोझ, अमीरों के सख्त मिजाज और शहर में रहने की ऊंची लागत इनमें से कुछ प्रमुख चुनौतियां हैं.
यह तो साफ है कि पाम बीच और बोका रैटन जैसे अमीर शहरों में हाउसकीपर्स की डिमांड काफी ज्यादा है और उन्हें आकर्षित करने के लिए ऊंची सैलरी और बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं. लेकिन यह भी एक सच है कि हर कोई इन शहरों में जाकर घर का काम करने को तैयार नहीं है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि इन शहरों में रहने की ऊंची लागत, काम का बोझ, या फिर किसी और तरह की असुविधाएं.