अमेरिका और पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को एफ-16 और एफ-15 जेट्स रूस के खिलाफ जंग में दिया है. इन विमानों की वजह से रूसी सेना का नुकसान हो रहा है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने सैनिकों और सहयोगियों का हौसला बढ़ाने के लिए ऐलान किया है कि जो भी इन फाइटर जेट्स को मार गिराएंगे, उन्हें 1.41 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. RIA नोवोस्ति न्यूज एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि कीहै.
ये फाइटर जेट बेहद अत्याधुनिक हैं, जिनसे रूसी सेना खतरे में आ गई है. इनमें न्यूक्लियर मिसाइल दागने की क्षमता है, इनकी रफ्तार इतनी तेज है कि इन्हें निशाना बना पाना भी टेढ़ी खीर है. रूसी सैनिकों का एयर डिफेंस सिस्टम, इन्हें बड़ी चुनौती मान रहा है.
FORES के कार्यकारी निदेशक इलाया पोतैनिन के मुताबिक, 'एफ-15 और एफ-16 की तबाही के लिए येराशि दी जाएगी. जो भी इन लड़ाकू विमानों को मार गिराएगा, उसे इनाम मिलेगा.' उनके मुताबिक कुछ सैनिकों को नाटो टैंक्स को तबाह करने के लिए भी इनाम मिला है. उन्हें आबराम और लेपर्ड टैंक्स को तबाह करने के एवज में उन्हें 4 लाख रुपये से ज्यादा इनाम मिला है.
एक सप्ताह पहले, अमेरिकी सचिव एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि अमेरिका और सहयोगी देशों ने यूक्रेन में एफ-16 फाइट जेट्स भेजे हैं. कीव तक ये फाइट जेट्स पहुंचेंगे और रूसी सेना की मुसीबत बढ़ा देंगे. अमेरिका F-16 जेट अगर यूक्रेन को देता है तो ये कई लिहाज से युद्ध की रणनीति बदल देंगे. कई इलाकों में रूस के सुखोई और दूसरे विमानों की तुलना में ये बेहद अत्याधुनिक है. यूक्रेन को पश्चिमी देशों का समर्थन है. रूस, अमेरिका के इस अमोघ हथियार को जल्द से जल्द खत्म करना चाहता है.
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि अमेरिका और नाटो के सहयोगी सीधे रूस से भिड़ने का जोखिम ले रहे हैं. अगर यह होता है तो इसके विनाशकारी परिणाम सामने आएंगे. एफ-16 जेट्स में परमाणु हथियार आसानी से फिट किए जा सकते हैं. इनके मंडराने के विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं.