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पुतिन ने दिखाना शुरू किया रौद्र रूप, रूसी मिसाइल हमले से थर्राया यूक्रेन का खारकीव, धुआं-धुआं हुआ पूरा इलाका

Russia Ukraine War: रूस की बढ़ती आक्रामकता ने यूक्रेन में युद्ध के और भी भयानक रूप लेने का खतरा पैदा कर दिया है. रूस के इस रौद्र रूप ने न केवल खारकीव बल्कि पूरे यूक्रेन में भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है.

Gyanendra Tiwari
पुतिन ने दिखाना शुरू किया रौद्र रूप, रूसी मिसाइल हमले से थर्राया यूक्रेन का खारकीव, धुआं-धुआं हुआ पूरा इलाका
Courtesy: Social Media

Russia Ukraine War: यूक्रेन के खारकीव शहर पर रूस ने एक बार फिर से भारी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे पूरा इलाका दहशत में है. बुधवार सुबह, खारकीव के मेयर इगोर टेरेखोव ने इस हमले की जानकारी दी और इसे "भारी मिसाइल हमला" बताया. उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि "खारकीव पर भारी मिसाइल हमले हो रहे हैं, और शहर में जोरदार धमाके सुनाई दे रहे हैं. अभी भी बैलिस्टिक मिसाइलें शहर की ओर बढ़ रही हैं."

खारकीव के क्षेत्रीय गवर्नर ने जानकारी दी कि सात रूसी मिसाइल हमले हुए हैं, और फिलहाल, हमलों में हुई हताहतों का आकलन किया जा रहा है. इस हमले के बाद, पूरे शहर में धुएं के गुबार छा गए और नागरिकों में डर का माहौल बना हुआ है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी सेनाओं ने एक रात में 59 यूक्रेनी ड्रोन गिरा दिए, जबकि यूक्रेनी वायुसेना ने ब्लैक सी से कलिब्र क्रूज मिसाइलों के लॉन्च होने की सूचना दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि वे कहां जा रही थीं.

पुतिन का 'रौद्र अटैक'

पुतिन ने हाल के महीनों में अपनी सैन्य गतिविधियों को और तेज कर दिया है, खासकर पूर्वी यूक्रेन में. रूस की सेनाएं लगातार यूक्रेन के अधिक से अधिक इलाकों पर कब्जा करने का प्रयास कर रही हैं, ताकि वह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले अपना दबदबा बनाए रखे. हाल ही में, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि इस साल रूस ने 190 से अधिक यूक्रेनी बस्तियों पर कब्जा कर लिया है, और यूक्रेन को अपने सामरिक स्थानों की रक्षा करने में कठिनाई हो रही है.

यूक्रेन के सामने बढ़ती चुनौतियां

यूक्रेन की सेनाएं रूसी हमलों का मुकाबला कर रही हैं, लेकिन उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. मैनपावर और अस्तबल की कमी के कारण यूक्रेन को अपनी रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. पश्चिमी देशों से मिलने वाली सहायता के बावजूद, रूस की बढ़ती आक्रामकता के सामने यूक्रेन को अपनी सीमाओं की रक्षा करना मुश्किल हो गया है.