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India Daily

रूस में बच्चे पैदा नहीं कर रहे लोग, राष्ट्रपति पुतिन ने अपनाया नया हथकंडा, अब स्वस्थ बच्चा पैदा करने वाली छात्राओं को मिलेंगे...

अध्ययन बताते हैं कि रूस की कई महिलाएं आर्थिक कारणों से माता-पिता बनने से कतराती हैं. VTsIOM के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 40% महिलाएं वित्तीय बाधाओं को ही परिवार बढ़ाने की मुख्य वजह मानती हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
रूस में बच्चे पैदा नहीं कर रहे लोग, राष्ट्रपति पुतिन ने अपनाया नया हथकंडा, अब स्वस्थ बच्चा पैदा करने वाली छात्राओं को मिलेंगे...

रूस में जन्म दर में गिरावट के चलते क्षेत्रीय कानून निर्माताओं ने एक नई नीति पेश की है, जिसके तहत छात्रों को स्वस्थ बच्चे पैदा करने पर 100,000 रूबल (लगभग 82,232 रुपये) दिए जाएंगे. यह पहल विशेष रूप से 25 साल से कम उम्र की पूर्णकालिक छात्रों के लिए है, जो कि कालेरिया (Karelia) क्षेत्र में रहती हैं. इस नीति की शुरुआत 1 जनवरी 2025 से होगी.

केवल स्वस्थ बच्चे पर ही मिलेगा पैसा

यह कानून छात्रों को स्वस्थ बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास है, लेकिन इसमें कुछ कमियां भी हैं. उदाहरण के लिए, यह कानून मृत जन्मों को शामिल नहीं करता है और शिशु मृत्यु दर या विकलांग बच्चों के मामलों पर अस्पष्ट है. इसके अलावा, बच्चों की देखभाल और प्रसवोत्तर पुनः प्राप्ति के लिए अतिरिक्त सहायता की भी कोई स्पष्ट योजना नहीं दी गई है.

पारिवारिक कल्याण और जनसंख्या नीति पर सरकार का रुख

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा परिवारों को बढ़ाने की अपील के बावजूद, प्रशासन महिलाओं की भलाई और प्रजनन सुरक्षा में सुधार के लिए सीमित कदम उठा रहा है. विशेष रूप से, घरेलू हिंसा के कुछ मामलों को अपराधमुक्त करने के बाद यह चिंता बढ़ी है, खासकर तब जब सैनिक यूक्रेन से वापस लौट रहे हैं.

यह नीति रूस के जनसांख्यिकीय संकट के बीच सामने आई है, जो यूक्रेन युद्ध और व्यापक प्रवासन से और भी बढ़ गया है. रूस की सरकार ने परिवार-केन्द्रित राष्ट्रीयतावादी आयोजनों के माध्यम से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने का प्रयास किया है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग बच्चों के बिना जीवन जीने का समर्थन करते हैं.

आर्थिक दबाव और परिवार नियोजन

रूस में परिवार नियोजन को लेकर आर्थिक कारक प्रमुख भूमिका निभाते हैं. अध्ययन बताते हैं कि रूस की कई महिलाएं आर्थिक कारणों से माता-पिता बनने से कतराती हैं. VTsIOM के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 40% महिलाएं वित्तीय बाधाओं को ही परिवार बढ़ाने की मुख्य वजह मानती हैं. हालांकि, रूस सरकार ने गरीबी को कम करने का दावा किया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़े मुद्रास्फीति से प्रभावित हैं और ये वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते हैं.

100,000 रूबल पर्याप्त नहीं

कालेरिया क्षेत्र की इस पहल को लेकर विशेषज्ञ Vyacheslav Shiryaev ने अपनी चिंता जताई है. उनका मानना है कि 100,000 रूबल का प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं है और यह उन व्यक्तियों को आकर्षित कर सकता है जो बच्चों के पालन-पोषण के लिए तैयार नहीं हैं. Shiryaev के अनुसार, इस राशि से बच्चों की देखभाल के वास्तविक खर्चों का मुकाबला नहीं किया जा सकता, और यह एक अस्थायी समाधान हो सकता है.