ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में पुतिन की एंट्री! पाकिस्तान में बातचीत फेल, आज मॉस्को पहुंचेंगे ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची
ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता इस्लामाबाद में नाकाम होने के बाद अब निगाहें रूस पर केंद्रित हो गई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची आज मॉस्को पहुंचकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे.
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली शांति वार्ता विफल होने के बाद अब रूस सक्रिय रूप से मैदान में उतर रहा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस्लामाबाद में पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात के तुरंत बाद मॉस्को के लिए रवाना हो गए हैं. वहां वे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर सीजफायर, बातचीत और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करेंगे. इस दौरे से पहले अरागची ने ओमान का भी दौरा किया, जहां होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों पर बात हुई. ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द होने के बाद यह रूसी कदम अहम माना जा रहा है.
पाकिस्तान में वार्ता नाकाम, रूस की एंट्री
इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के दूसरे दौर की उम्मीदें धरी रह गईं. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की. बातचीत को 'फायदेमंद' बताते हुए उन्होंने कहा कि अभी देखना बाकी है कि अमेरिका डिप्लोमेसी पर कितना गंभीर है. संक्षिप्त प्रवास के बाद अरागची मॉस्को रवाना हुए, जहां रूस के साथ सलाह-मशविरा होगा.
अरागची पुतिन से करेंगे मुलाकात
ईरान के राजदूत काजम जलाली के अनुसार, अब्बास अरागची सोमवार को मॉस्को में पुतिन से मिलेंगे. बैठक में सीजफायर, चल रही बातचीत और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा होगी. ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि अरागची रूसी अधिकारियों को अमेरिका-इजराइल संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों पर रिपोर्ट भी सौंपेंगे. यह मुलाकात मध्य पूर्व शांति के लिए रूस की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है.
होर्मुज स्ट्रेट पर गतिरोध बरकरार
होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव जारी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है. ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर कुछ प्रतिबंध लगा रखे हैं, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर दी है. ईरान ओमान को टोल प्रणाली का समर्थन करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है. इस गतिरोध से तेल, गैस और अन्य सामानों की वैश्विक शिपमेंट प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है.
ट्रंप का फोन पर बातचीत का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान चाहे तो फोन पर बात की जा सकती है, लेकिन वे प्रतिनिधि नहीं भेज रहे. ट्रंप ने सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है, जो 7 अप्रैल को शुरू हुआ था. उन्होंने ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. युद्ध में ईरान में 3,375 और लेबनान में 2,509 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.
क्षेत्रीय कूटनीति और आगे के कदम
अरागची ने कतर और सऊदी अरब के समकक्षों से भी फोन पर बात की. पाकिस्तान, ओमान और अब रूस के माध्यम से ईरान अप्रत्यक्ष बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और नाकाबंदी हटाने पर जोर दिया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की भूमिका दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली में मददगार साबित हो सकती है, हालांकि चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं.