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रूस के हमले में यूक्रेन में भयंकर तबाही, कुर्स्क शहर पर फिर जमाया कब्जा, 12000 सैनिकों को उतारा मौत के घाट

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटना सामने आई है. रूस ने यूक्रेन के कुर्स्क शहर पर फिर से कब्जा कर लिया है. यह कदम रूस के दक्षिणी युद्ध समूह (Yug Battle Group) ने उठाया, और इसकी घोषणा रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
रूस के हमले में यूक्रेन में भयंकर तबाही, कुर्स्क शहर पर फिर जमाया कब्जा, 12000 सैनिकों को उतारा मौत के घाट

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटना सामने आई है. रूस ने यूक्रेन के कुर्स्क शहर पर फिर से कब्जा कर लिया है. यह कदम रूस के दक्षिणी युद्ध समूह ने उठाया, और इसकी घोषणा रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को की. कुर्स्क शहर को डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक (DPR) के पश्चिम में स्थित एक महत्वपूर्ण शहर माना जाता है. इस कब्जे के बाद, रूस ने इसे अपनी रणनीतिक जीत बताया है, जो यूक्रेन की सैन्य स्थिति को और कमजोर करेगा.

कुर्स्क का महत्व और रूस की रणनीति
कुर्स्क शहर, जो कि डोनबास क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है, यूक्रेनी सेना के लिए एक महत्वपूर्ण किला बन चुका था. रूस ने इस शहर को मुक्त कराने के लिए कई महीने तक संघर्ष किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस शहर में कब्जा करने के बाद, उन्होंने यूक्रेनी सेना की प्रमुख सैन्य ताकत को कमजोर कर दिया है. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि कुर्स्क में यूक्रेनी सेना ने एक जटिल किलेबंदी बनाई थी, जिसमें स्थायी फायर प्वाइंट्स और भूमिगत संचार नेटवर्क शामिल थे.

रूस के अनुसार, कुर्स्क के नियंत्रण में आने से यूक्रेनी सेना की रणनीतिक आपूर्ति और समर्थन में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हुई हैं, जिससे डोनेट्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सेना की स्थिति कमजोर हो जाएगी. साथ ही, अब यूक्रेन के पास डोनेट्स्क शहर पर और अधिक हमला करने के लिए आवश्यक सैन्य समर्थन नहीं रहेगा.

यूक्रेनी सेना की भारी क्षति
रूस ने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान यूक्रेनी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने अपनी 80% सैन्य ताकत खो दी है, जिसमें 12,000 से अधिक सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं. इसके अलावा, करीब 3,000 सैन्य उपकरणों का भी विनाश हुआ है, जिनमें 40 टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहन शामिल हैं.

इस दौरान, प्रतिदिन यूक्रेनी सेना की औसत हानि 150 से 180 सैनिकों की रही है. रूस ने बताया कि दो महीने तक चलने वाले संघर्ष में यूक्रेनी सेना को न केवल मानवीय नुकसान हुआ है, बल्कि उन्होंने अपनी प्रमुख सामरिक जगहों पर भी नियंत्रण खो दिया है.

कुर्स्क शहर का नियंत्रण और भविष्य की योजना
कुर्स्क की रणनीतिक महत्ता को देखते हुए, रूस का दावा है कि इस शहर पर कब्जा करने से डोनेट्स्क और इसके आस-पास के क्षेत्रों में यूक्रेनी सेना के ऑपरेशन्स में बाधा आएगी. इसके साथ ही, इस इलाके में रूस की सेना के लिए आपूर्ति और संचार की समस्याएं भी हल हो जाएंगी.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि अब डोनेट्स्क के लिए रूस की सेना की प्रगति तेज होगी. कुर्स्क के नियंत्रण में आने से, यूक्रेन के खेमे पर दबाव बढ़ेगा और रूस को इस युद्ध को अपनी दिशा में मोड़ने में मदद मिलेगी.