अपनी जान पर खेलकर ईरान के रिपोर्टर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर की रिपोर्टिंग, दुनिया को दिखाया लाइव वीडियो
मध्य पूर्व युद्ध के चलते 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल संकट गहरा गया है. ईरान द्वारा टैंकरों पर लगाई गई रोक ने भारत समेत एशियाई देशों की ऊर्जा चिंता बढ़ा दी है.
नई दिल्ली: मध्य पूर्व का संघर्ष अब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जलमार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. इस प्रमुख मार्ग पर ईरान का नियंत्रण है. टैंकरों की आवाजाही रुकने से भारत सहित एशियाई देशों में तेल आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है. यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार की जीवन रेखा है, जिसके बाधित होने से हलचल मची हुई है.
इस बीच सोशल मीडिया पर एक रिपोर्टर का वीडियो वायरल हो रहा है. वह स्पीड बोट के जरिए यहां फंसे हुए तेल टैंकरों और जहाजों की वास्तविक स्थिति दिखा रहा है. वीडियो में ईरानी रिपोर्टर सुरक्षित सीमा रेखाओं के बारे में भी जानकारी दे रहा है. रिपोर्टर ने जंग के बीच जिस तरह से इस अतिसंवेदनशील स्थान से रिपोर्टिंग की है, उसकी जमकर तारीफ हो रही है. साथ ही यह वीडियो दर्शाता है कि युद्ध की वजह से इस रणनीतिक जलमार्ग पर व्यापार किस कदर प्रभावित हुआ है.
तेल आपूर्ति का वैश्विक संकट
होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्ग है. यहां से गुजरने वाले टैंकरों पर रोक लगने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की भारी कमी हो गई है. ईरान ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर यह कड़ा कदम उठाया है. इसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है, जिससे पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ जाएगा.
एशियाई देशों पर गहराता असर
भारत जैसे एशियाई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर हैं. तेल निर्यात बाधित होने से यहाँ आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह टूट गई है. यदि टैंकरों की आवाजाही जल्द शुरू नहीं हुई, तो इन देशों को ईंधन की भारी किल्लत झेलनी पड़ेगी. यह संकट सीधे तौर पर आम नागरिकों और औद्योगिक विकास को प्रभावित करेगा.
युद्ध की आग में फंसा व्यापार
ईरान पर हो रहे हमलों ने क्षेत्र के जनजीवन और व्यापार को बुरी तरह प्रभावित किया है. तेल संपदा से संपन्न देशों से निर्यात रुकने की कगार पर है. हमलों की वजह से जहाजों का आवागमन असुरक्षित हो गया है. व्यापारिक जहाजों के कैप्टन अब खतरे से बचने के लिए सुरक्षित रास्तों की तलाश कर रहे हैं, जिससे समुद्री व्यापार में अनिश्चितता है.
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