कतर की कैद में ईरान के 3 पायलट? तेहरान के आरोप पर आया दोहा का जवाब, जानिए सच क्या है और दो देशों में क्यों मचा घमासान
ईरान ने दावा किया है कि मार्च में लापता हुए उसके तीन लड़ाकू पायलट कतर की हिरासत में हैं और उनकी वापसी के लिए रेड क्रॉस से हस्तक्षेप की मांग की है.
नई दिल्ली: ईरान और कतर के बीच तीन लापता लड़ाकू पायलटों को लेकर नया कूटनीतिक विवाद सामने आया है. तेहरान का आरोप है कि मार्च में सैन्य अभियान के दौरान उसके तीन पायलट जीवित अवस्था में कतर की सेना के हाथ लगे थे और अब भी हिरासत में हैं. इस दावे ने पूरे क्षेत्र में नई बहस छेड़ दी है.
दोहा ने इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसने किसी भी ईरानी पायलट को बंदी नहीं बनाया. कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान केवल एक पायलट का शव मिला था, जिसकी जानकारी ईरान को दी गई थी. दोनों देशों के विरोधाभासी दावों ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है.
ईरान ने क्या लगाया आरोप?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से दावा किया कि मार्च में एक सैन्य मिशन के दौरान तीन ईरानी लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे. तेहरान का कहना है कि विमान से बाहर निकलने के बाद तीनों पायलट जीवित थे, लेकिन कतर की सेना ने उन्हें पकड़ लिया. इसी आधार पर ईरान ने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग उठाई है.
Also Read
रेड क्रॉस से भी की गई दखल की अपील
तेहरान ने इस मामले को मानवीय मुद्दा बताते हुए इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस से हस्तक्षेप की अपील की है. ईरान चाहता है कि संगठन पायलटों की स्थिति स्पष्ट करे और उनकी वापसी सुनिश्चित कराने में भूमिका निभाए. फिलहाल रेड क्रॉस की ओर से इस दावे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
कतर ने आरोपों को क्यों बताया गलत?
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मार्च में कुछ ईरानी विमान उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे. अधिकारियों ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद सीमा सुरक्षा के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई. दोहा का कहना है कि किसी भी जीवित पायलट को हिरासत में लेने का दावा पूरी तरह निराधार है.
तलाशी अभियान में मिला एक पायलट का शव
कतर के मुताबिक, घटना के बाद उसके सर्च एंड रेस्क्यू दल ने प्रभावित इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया. इसी दौरान एक पायलट का शव बरामद हुआ. दोहा ने दावा किया कि उसने ईरान से संपर्क कर शव सौंपने और पूरी जानकारी साझा करने की पेशकश की थी, लेकिन अब तक तेहरान की ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
छह महीने बाद क्यों बढ़ा नया विवाद?
यह पूरा मामला मार्च में हुए उस सैन्य संघर्ष से जुड़ा है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव चरम पर था. ईरान का कहना है कि उसके विमान कतर स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने के मिशन पर थे. अब लगभग छह महीने बाद तीन पायलटों की हिरासत का दावा सामने आने से विवाद फिर गहरा गया है.
फिलहाल दोनों देशों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. ईरान तीन पायलटों के जीवित होने और हिरासत में रखे जाने की बात कर रहा है, जबकि कतर साफ कहता है कि उसके पास कोई जीवित ईरानी पायलट नहीं है और केवल एक शव बरामद हुआ था. ऐसे में इस मामले की सच्चाई अब भी सवालों के घेरे में बनी हुई है.