Prince Andrew: ब्रिटेन के शाही परिवार से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है. प्रिंस एंड्रयू ने 2011 में पुलिस से उस महिला के बारे में निजी जानकारी जुटाने का अनुरोध किया था, जिसने उन पर किशोरावस्था में यौन शोषण का आरोप लगाया था. यह महिला वर्जीनिया गिफ्रे है, जिसने प्रिंस पर गंभीर आरोप लगाए थे.
यह खुलासा उस समय हुआ है जब प्रिंस एंड्रयू ने हाल ही में ड्यूक ऑफ यॉर्क की अपनी उपाधि त्याग दी है. मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि वह इस मामले में मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की सक्रिय जांच कर रही है. वहीं बकिंघम पैलेस ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
प्रिंस चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू ने शुक्रवार को कहा कि अपने आचरण और मृत अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर लंबे समय से चली आ रही आलोचनाओं के बाद वह अब अपनी शाही उपाधि का इस्तेमाल नहीं करेंगे. एंड्रयू इन आरोपों से लगातार इंकार करते रहे हैं और उनका कहना है कि यह मामला उनके सार्वजनिक जीवन और कार्यों में बाधा डाल रहा है.
65 वर्षीय एंड्रयू ने 2011 में ब्रिटेन के व्यापार राजदूत पद से इस्तीफा दिया था. इसके बाद 2019 में उन्होंने सभी शाही कर्तव्यों से भी इस्तीफा दे दिया. 2022 में यौन दुराचार के आरोपों के बीच उनसे सैन्य उपाधि और शाही संरक्षण भी छीन लिया गया. उसी वर्ष उन्होंने गिफ्रे द्वारा दायर एक मुकदमे का निपटारा किया था. इस मुकदमे में गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि एंड्रयू ने किशोरावस्था में उनका यौन शोषण किया था. हालांकि एंड्रयू ने इन आरोपों को खारिज किया. गिफ्रे ने इसी साल अप्रैल में आत्महत्या कर ली थी. उसके संस्मरण के प्रकाशन के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
मेल ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, एंड्रयू ने अपने एक निजी सुरक्षा अधिकारी से गिफ्रे की निजी जानकारी जुटाने के लिए कहा था. रिपोर्ट में महारानी एलिजाबेथ की तत्कालीन उप प्रेस सचिव को भेजे गए एक ईमेल का हवाला भी दिया गया है, जिसमें एंड्रयू ने दावा किया था कि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को गिफ्रे की जन्मतिथि और सामाजिक सुरक्षा संख्या दी थी और उन्हें शक था कि उसका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है.
हालांकि गिफ्रे के परिवार ने अखबार को बताया कि उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकारी ने एंड्रयू के निर्देशों पर कोई कार्रवाई नहीं की. मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा है कि वह रिपोर्ट में किए गए दावों की गंभीरता से जांच कर रही है.