प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने यूक्रेन के दौरे पर जाएंगे. यह पीएम मोदी का यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पहला दौरा होगा. पीएम मोदी ऐसे समय पर यूक्रेन जा रहे हैं जब कुछ दिनों पहले ही वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर मॉस्को से लौटे हैं. भारत का कहना है कि रूस और यूक्रेन विवाद को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाया जा सकता है.
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह पीएम मोदी का यूक्रेन का पहला दौरा होगा. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी का यह दौरा यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के आस पास होगा. यह मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच इटली में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के एक महीने बाद होगी. एक महीने पहले पीएम मोदी ने इटली में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की से मुलाकात की थी.
यूक्रेन में 24 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. रूस-यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से चल रहे युद्ध के बीच पीएम मोदी के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. भारत और रूस के संबंध अच्छे रहे हैं, भारत कभी भी खूलकर रूस का विरोध नहीं करता. माना जा रहा है कि हो सकता है कि पीएम मोदी के इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच युद्धविराम की कोई राह सामने आए.
जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनावों के बाद तीसरा कार्यकाल हासिल किया, उस दिन ज़ेलेंस्की ने उन्हें बधाई दी थी और युद्धग्रस्त देश का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया था. इस वर्ष मार्च में राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूक्रेन साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और देश के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दोहराया तथा चल रहे संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हरसंभव प्रयास करता रहेगा.