रक्षा से सेमीकंडक्टर तक गहरी साझेदारी, मलेशिया के साथ द्वपक्षीय वार्ता में क्या-क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे पर द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा-सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, कृषि और कौशल विकास में सहयोग बढ़ने की बात कही, वहीं मलेशिया ने सभी क्षेत्रों में साझेदारी गहरी करने की इच्छा जताई.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे ने भारत-मलेशिया संबंधों को नई गति दी है. कुआलालंपुर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया. पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक साझेदारी बताया, जबकि मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भारत के साथ सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई.
रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता भरोसा
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. दोनों देश साझा हितों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहयोग सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास पर आधारित है, जो भविष्य में और गहरा होगा.
कृषि से सेमीकंडक्टर तक साझेदारी
पीएम मोदी ने बताया कि कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भारत-मलेशिया सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नई तकनीक, निवेश और नवाचार के जरिए दोनों देश एक-दूसरे की क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं, जिससे आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिल रही है.
जन-जन संबंधों की असली ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के करीब 30 लाख मलेशियाई नागरिकों को दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि ये लोग भारत और मलेशिया के बीच एक जीवंत सेतु की तरह हैं, जो सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत बनाए हुए हैं.
मलेशिया की उम्मीदें और स्वागत
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत के साथ संबंधों में बीते वर्षों में सकारात्मक बदलाव आया है. उन्होंने सभी क्षेत्रों में और अधिक सहयोग की उम्मीद जताई. वहीं, पीएम मोदी ने मलेशिया में मिले भव्य और आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताते हुए इसे हमेशा यादगार बताया.