'जेफरी एपस्टीन से दूर-दूर तक कोई लिंक नहीं...', सोशल मीडिया दावों पर दलाई लामा ऑफिस ने जारी किया बयान

एपस्टीन फाइल्स में अबतक भारत समेत दुनिया के कई देशों का नाम जुड़ चुका है. कुछ सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में इससे बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का भी नाम जोड़ा जा रहा था. जिसपर दलाई लामा के ऑफिस की ओर से बयान जारी किया गया है.

ANI
Shanu Sharma

नई दिल्ली: जेफरी एपस्टीन का नाम इन दिनों चर्चे में है. कथित तौर पर चाइल्ड सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन का नाम कई फेमस कारोबारी, लीडर और सेलीब्रेटी से जोड़ा जा रहा है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जेफरी का नाम बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से भी जोड़ा गया था. हालांकि दलाई लामा के ऑफिस की ओर से इन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया गया है.

दलाई लामा के ऑफिस ने कहा कि बौद्ध धर्मगुरु न तो एपस्टीन से कभी मिले हैं और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को उनसे मिलने की इजाज़त दी है. इस समय एपस्टीन फाइल्स से कई भारतीयों के नाम जोड़े जा रहे हैं. हालांकि अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

दलाई लामा के ऑफिस ने जारी किया बयान

दलाई लामा के ऑफिस की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि एपस्टीन फाइलों से संबंधित कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में महामहिम दलाई लामा को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है. हम साफ तौर पर पुष्टि कर सकते हैं कि महामहिम कभी भी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले हैं और न ही उन्होंने अपनी ओर से किसी को उनसे मिलने या बातचीत करने की इजाजत दी गई है. बता दें कि इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगातार इस केस में नई फाइलें जारी की जा रही है. इस फाइल में दो हजार से भी ज्यादा वीडियो और लगभग दो लाख फोटो भी है. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपसे लेकर माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और अरबपति एलोन मस्क तक का नाम शामिल  है.

एपस्टीन फाइल्स में दुनिया भर के कई नाम 

सोशल मीडिया पर इस केस से जुड़े कई फेक वीडियो और फुटेज भी साझा किए जा रहे हैं. बिना किसी तथ्य के कई अन्य हस्तियों के नाम को जोड़ा जा रहा है. ऐसे में पहले पुष्टि करना जरूरी है. हालांकि कई लोगों ने अपने नाम को तो माना है लेकिन गलत कामों से खुद को दूर किया है. जेफरी एक अमेरिकी फाइनेंसर और सेक्स रैक्ट चलाने वाला अपराधी था. रिपोर्ट के मुताबिक उसने जेल में आत्महत्या कर ली थी. हालांकि उसने अपने पीछे हजारों ईमेल और कागजात छोड़ दिया, जिससे कई खुलासे हुए हैं. इस फाइल्स में ना केवल अमेरिका बल्कि यूके और भारत जैसे बड़े देशों के हस्तियों का भी नाम शामिल हुआ है.