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India Daily

14 शहरों में 76 हमले, 362 जवानों के मारे जाने का दावा; BLA ने 'ऑपरेशन हेरोफ II' से मुनीर सेना को दिया गहरा घाव

बलूच लिबरेशन आर्मी ने एक हफ्ते तक 'ऑपरेशन हेरोफ II' अभियान चलाया. इस हमले में लड़ाकों ने कई शहरों पर हमले किए, जिसमें सुरक्षाकर्मियों को भारी नुकसना पहुंचा है.

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Edited By: Shanu Sharma
14 शहरों में 76 हमले, 362 जवानों के मारे जाने का दावा; BLA ने 'ऑपरेशन हेरोफ II' से मुनीर सेना को दिया गहरा घाव
Courtesy: X (@abhish_31)

नई दिल्ली: बलूच लिबरेशन आर्मी ने पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तान के कई प्रांतों को निशाना बनाया है. BLA के लड़ाकों ने 31 जनवरी से बड़े पैमान पर 'ऑपरेशन हेरोफ II' अभियान चलाया. यह ऑपरेशन 31 जनवरी से शुरू होकर 6 फरवरी शाम तक चला. जिसमें 14 शहरों में लगभग 80 हमले किए गए.

BLA के लड़ाकों ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए बताया कि इनमें कई हमले एक साथ और समन्वित तरीके से चलाए गए. इस दौरान कई फोटो और वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें महिलाओं की भी बराबर भागीदारी नजर आई. संगठन ने बताया कि इस अभियान में उसकी कई प्रमुख इकाइयों ने भी हिस्सा लिया. 

BLA के 50 फिदायीन की मौत 

BLA ने बताया कि सोच-समझकर चलाए गए इस अभियान में उसके 93 लड़ाकों की मौत हो गई, जिसमें से 50 फिदायीन शामिल थे. जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि फिदायीन वे होते हैं जो अपने शरीर पर बम लगाकर या विस्फोटक लगाकर कहीं भी जाते हैं और खुद को विस्फोट कर लेते हैं. जिससे आसपास के क्षेत्रों और लोगों को भी नुकसान पहुंचता है.

वहीं पाकिस्तान को हुए नुकसान के बारे में बताते हुए संगठन ने कहा कि इन हमलों में पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भी नुकसान पहुंचा है. इन हमलों में कम से कम 360 पाकिस्तानियों की मौत हुई है. हालांकि दूसरी ओर पाकिस्तान सरकार ने इन हमलों के दौरान 200 से ज्यााद उग्रवादियों के मार गिराने की बात कही है. 

सुरक्षाकर्मियों को बनाया निशाना

बलूच के लड़ाकों ने अपने ताकत के बारे में बताते हुए यह भी दावा किया है उन्होंने 17 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को अपने हिरासत में ले लिया, हालांकि 10 को चेतावनी देकर छोड़ दी गई. वहीं सात सुरक्षाकर्मी अभी भी बलूच लड़ाकों के हिरासत में हैं. विद्रोहियों का कहना है कि 'ऑपरेशन हेरोफ II' के दौरान कई सैन्य ठिकानों, चेकपोस्ट और पुलिस स्टेशनों को भी निशाना बनाया गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि जबतक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तब तक रुक-रुक कर ऐसे ऑपरेशन चलाए जाते रहेंगे. हालांकि पाकिस्तानी आर्मी अलग डेटा पेश कर रही है.