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PM Modi Japan Visit: 'मोदी सैन...जापान में आपका स्वागत है', सेंडाइ में प्रधानमंत्री का जोरदार वेलकम स्वागत, देखें वीडियो

प्रधानमंत्री मोदी सेंडाइ में इशिबा द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में शामिल होंगे और दोनों नेता बाद में शहर में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का भी दौरा करेंगे. शुक्रवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के लिए इशिबा के साथ शिखर वार्ता की.

Reepu Kumari

PM Modi Japan Visit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जापान यात्रा के दूसरे और अंतिम दिन सेंडाइ शहर पहुंचने पर बड़ी संख्या में जापानी लोगों ने मोदी सान कहकर गर्मजोशी से स्वागत किया.प्रधानमंत्री मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन से टोक्यो से सेंडाइ पहुंचे. उन्होंने बुलेट ट्रेन में अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'सेंडाइ पहुंच गया'.

प्रधानमंत्री इशिबा के साथ शिंकानसेन से इस शहर की यात्रा की. जैसे ही वह रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, सैकड़ों जापानी लोगों ने, जिनमें कुछ भारतीय भी शामिल थे, उनका स्वागत किया और कहा, मोदी सान, जापान में आपका स्वागत है. प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए भीड़ की ओर हाथ हिलाया. उन्होंने कुछ बच्चों से भी हाथ मिलाया.

जापानी में 'सान' का अर्थ

जापानी भाषा में, सान एक सम्मानसूचक प्रत्यय है जो किसी व्यक्ति के नाम के बाद जोड़ा जाता है. यह सम्मानसूचक संबोधन का सबसे आम और व्यापक रूप है, जो अंग्रेजी में श्रीमान, सुश्री या श्रीमती कहने जैसा है, हालांकि यह लिंग-तटस्थ है और औपचारिक तथा अर्ध-औपचारिक, दोनों संदर्भों में काम आता है.

यह विनम्रता और सम्मान दर्शाता है और परिचितों, सहकर्मियों या अजनबियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर इसका इस्तेमाल परिवार के करीबी सदस्यों या अपने बारे में बात करते समय नहीं किया जाता है.

प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी सेंडाइ में इशिबा द्वारा आयोजित दोपहर के भोजन में शामिल होंगे और दोनों नेता बाद में शहर में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का भी दौरा करेंगे. शुक्रवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के लिए इशिबा के साथ शिखर वार्ता की.

मोदी 29 अगस्त को जापान पहुंचे. इस यात्रा के दौरान, उनका चार कारखानों का दौरा करने का कार्यक्रम है, जिनमें से एक ई10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप बनाने वाली फैक्ट्री भी है, जिसे भारत खरीदने पर विचार कर रहा है. उनके रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की भी उम्मीद है.