PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से बात की. टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज प्रेसिडेंट बाइडन से फोन पर बात हुई. हमने यूक्रेन की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का विस्तृत आदान-प्रदान किया. मैंने शांति और स्थिरता की जल्द वापसी के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया.
पीएम मोदी ने कहा कि हमने बांग्लादेश की स्थिति पर भी चर्चा की और सामान्य स्थिति की जल्द बहाली और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है.
Spoke to @POTUS @JoeBiden on phone today. We had a detailed exchange of views on various regional and global issues, including the situation in Ukraine. I reiterated India’s full support for early return of peace and stability.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 26, 2024
We also discussed the situation in Bangladesh and…
एक सरकारी बयान के अनुसार, मोदी ने बाइडेन की भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की सराहना की है. यह लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों के बीच मजबूत संबंधों के साझा मूल्यों पर आधारित है. इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर भी चर्चा की. दोनों नेताओं ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी का उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ पूरी मानवता को लाभ पहुंचाना है.
यूक्रेन में जारी संघर्ष पर बिडेन के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी कीव यात्रा के बारे में भी जानकारी दी. बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने बातचीत और कूटनीति के पक्ष में भारत की लगातार स्थिति को दोहराया और शांति और स्थिरता की जल्द वापसी के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया. बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने क्वाड सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.
दोनों नेताओं ने बांग्लादेश की स्थिति पर अपनी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कानून और व्यवस्था की बहाली और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. बांग्लादेश की की प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने और भारत भाग जाने के बाद वहां हिंदू मंदिरों के साथ-साथ हिंदुओं के घरों और व्यवसायों पर हमले की खबरें आई हैं.